जंग के बीच सड़क पर जश्न मनाते नजर आए ईरानी राष्ट्रपति, जनता के साथ सेल्फी लेकर दे दिया इंटरनेशनल संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची जंग के बीच सड़क पर जनता के साथ घुलते-मिलते नजर आएं. उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मंगलवार को 'इस्लामिक रिपब्लिक डे' के अवसर पर तेहरान की सड़कों पर आयोजित रैली में शामिल हुए. देश के तमाम बड़े नेताओं की हत्या के बाद खतरा बरकरार है, इसके बाद भी दोनों नेताओं की यह दुर्लभ सार्वजनिक उपस्थिति देखने को मिली.
दोनों नेता बिना किसी स्पष्ट सुरक्षा घेरे के भीड़ के बीच घूमते नजर आए, लोगों से बातचीत की और कई जगह रुककर रैली में शामिल नागरिकों के साथ सेल्फी भी लीं.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में दोनों नेता आम लोगों के साथ काफी रिलैक्स नजर आ रहे हैं. जब विदेश मंत्री अराघची से पूछा गया कि वे प्रदर्शनकारियों के बीच क्यों शामिल हुए, तो उन्होंने जवाब दिया कि मैं उनके बीच रहने आया हूं. उन्होंने कहा कि इस जमीनी आंदोलन से ऊर्जा लेने और इस एकता व जन-एकजुटता का आनंद लेने आया हूं. यह तस्वीर पूरी दुनिया में ईरान की मजबूत छवि पेश कर रहा है. ऐसे संघर्ष के बीच भी बड़े नेता अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों के बीच पहुंचे. इससे पहले पेज़ेश्कियन और अराघची तेहरान की सड़कों पर 'ईरानी कुद्स दिवस' के मौके पर सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी के साथ नजर आए थे. यह दिखाता है कि देश की नेतृत्व व्यवस्था जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और चुनौतियों से नहीं झुक रही.
युद्ध खत्म करने के लिए तैयार ईरान
रैली के कुछ समय बाद राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन ने यूरोपीय परिषद के प्रमुख से बातचीत में कहा कि ईरान में इस संघर्ष को खत्म करने की पूरी इच्छाशक्ति मौजूद है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी होनी चाहिए. विशेष रूप से भविष्य में होने वाले किसी भी हमले को रोकने वाली ठोस गारंटियां जरूरी हैं. ईरान ने उसमें ऐसी व्यवस्था की मांग की है जो इजरायल और अमेरिका द्वारा दोबारा हथियार उठाने की कोई गुंजाइश न छोड़े.
ईरानी अधिकारी युद्धविराम को बिना शर्त स्वीकार करने के बजाय अपने पक्ष की मजबूत शर्तों पर जोर दे रहे हैं. इस बीच आईआरजीसी ने चेतावनी दी है कि यदि लक्षित हत्याओं में और अधिक ईरानी नेताओं को निशाना बनाया गया, तो बुधवार से गूगल और एप्पल जैसी प्रमुख अमेरिकी तकनीकी कंपनियों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई शुरू की जाएगी. ईरान पर हाल के भीषण हमलों के बाद आई यह चेतावनी तनाव को और बढ़ा रही है.