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खत्म हो जाएगा युद्ध, ईरान-अमेरिका की चल रही आखिरी बातचीत! मसौदे पर समझौते के बाद होगी शांति की घोषणा

अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुआ युद्ध अब जल्द ही खत्म हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश इसे अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं. इस बातचीत के बाद समझौते की घोषणा की जा सकती है.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच लगभग 3 महीनों से चल रहा युद्ध अब जल्द ही खत्म हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक संभावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अप्रत्यक्ष लेकिन तीव्र बातचीत की जा रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस समझौते की घोषणा जल्द ही कुछ घंटों या दिनों के अंदर हो सकती है. 

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के संकेतों के अनुसार, मसौदा समझौते में तत्काल और पूर्ण युद्धविराम की बात कही गई है. साथ ही, फारस की खाड़ी और होर्मुज में समुद्री मार्गों को सुरक्षित आवागमन के लिए खुला रखने का आश्वासन भी शामिल है.

क्या कहता है ईरान-अमेरिका का शांति समझौता?

रिपोर्ट के मुताबिक समझौते के प्रस्ताव में अमेरिकी प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की बात कही गई है. दोनों पक्षों ने प्रमुख बुनियादी ढांचों पर हमला न करने पर सहमति जताई है. यह मसौदा आगे की व्यापक बातचीत के लिए आधार तैयार करता है, जिसके सात दिनों के अंदर शुरू होने की उम्मीद है.

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन और तेहरान अप्रत्यक्ष माध्यमों से संदेश और मसौदा पाठों का आदान-प्रदान कर रहे हैं. दोनों देश व्यावहारिक ढांचा बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. सबसे बड़ा विवाद ईरान के यूरेनियम के भंडार को लेकर है. तेहरान अपने हथियार-ग्रेड यूरेनियम को विदेश भेजने के लिए तैयार नजर नहीं आ रहा है, जबकि अमेरिका इस मांग पर अड़ा हुआ है.

अमेरिका-इजरायल के बीच ईरान मुद्दे पर मतभेद?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार नहीं बल्कि कई बार यह स्पष्ट कहा है कि वाशिंगटन ईरान को ऐसा यूरेनियम रखने की अनुमति नहीं देगा जो परमाणु हथियार विकसित करने में काम आए. ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस कूटनीतिक बातचीत में इजरायल सहमत नहीं है.

इजरायल अभी भी ईरान पर हमला चाहता है, जिसके कारण तनाव बना हुआ है. अमेरिकी मीडिया आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस मुद्दे पर फोन से बातचीत की, लेकिन नेतन्याहू इस शांति के पक्ष में नजर नहीं आए. हालांकि फिर भी अगर समझौता होता है, तो फिर वैश्विक स्तर पर शांति आ सकती है.