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India Daily

'हमला हुआ तो ऐसा जवाब देंगे जो पहले कभी नहीं दिया' ट्रंप की धमकी पर ईरान का कड़ा जवाब

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ईरान आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'हमला हुआ तो ऐसा जवाब देंगे जो पहले कभी नहीं दिया' ट्रंप की धमकी पर ईरान का कड़ा जवाब
Courtesy: @Israelarmyviews

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर ईरान ने सख्त प्रतिक्रिया दी है. ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो उसे ऐसा जवाब दिया जाएगा जो पहले कभी नहीं दिया गया होगा. दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी और सैन्य गतिविधियों से हालात और ज्यादा गंभीर होते दिख रहे हैं.

ईरान का दो टूक संदेश

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के मिशन ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ईरान आपसी सम्मान और साझा हितों के आधार पर बातचीत के लिए तैयार है. लेकिन अगर उस पर दबाव डाला गया या हमला किया गया, तो वह अपने बचाव में पूरी ताकत से जवाब देगा. ईरान ने ट्रंप की हालिया सोशल मीडिया पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें अमेरिका की ओर से सैन्य बेड़ा भेजने की बात कही गई थी.

ट्रंप की चेतावनी और न्यूक्लियर डील

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ईरान से तुरंत न्यूक्लियर डील पर बातचीत शुरू करने को कहा था. उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ, तो उसे पहले से कहीं ज्यादा गंभीर सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं देगा.

पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य तैनाती

तनाव के बीच अमेरिकी विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और उसके साथ तीन युद्धपोत पश्चिम एशिया पहुंच चुके हैं. अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, इन जहाजों को क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से तैनात किया गया है. ट्रंप ने खुद कहा है कि यह बेड़ा संभावित इस्तेमाल के लिए भेजा गया है, हालांकि इसका उपयोग जरूरी नहीं भी हो.

हमले की आशंका क्यों बढ़ी?

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान में चल रही आंतरिक घटनाओं और अमेरिका की सख्त नीति के चलते हालात और बिगड़ सकते हैं. ट्रंप पहले भी संकेत दे चुके हैं कि जरूरत पड़ने पर वे सैन्य विकल्प अपनाने से पीछे नहीं हटेंगे.

बातचीत या टकराव?

ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि ईरान बातचीत की मेज पर आएगा और एक निष्पक्ष और न्यायसंगत समझौता होगा, जिसमें ईरान के पास कोई न्यूक्लियर हथियार न हों. वहीं, ईरान का रुख साफ है कि वह दबाव में आकर कोई फैसला नहीं करेगा.

बड़ी तस्वीर

मौजूदा हालात यह दिखाते हैं कि अमेरिका और ईरान के रिश्ते एक नाजुक मोड़ पर हैं. आने वाले दिन तय करेंगे कि यह तनाव बातचीत से सुलझेगा या फिर हालात और ज्यादा गंभीर दिशा में बढ़ेंगे.