'अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं...', ईरान ने ठुकराया ट्रंप का 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव; क्या अब होगा जमीनी हमला?

मिडल ईस्ट में युद्ध रुकने की उम्मीदें ईरान ने चकनाचूर कर दी हैं. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप का 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव ठुकरा दिया...

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Ashutosh Rai

मिडल ईस्ट में युद्ध रुकने की उम्मीदों को एक बार फिर तगड़ा झटका लगा है. ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पेश किए गए 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. इसके साथ ही तेहरान ने उन अमेरिकी दावों की भी हवा निकाल दी है जिनमें दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत होने की बात कही जा रही थी. ईरान का कड़ा रुख इस बात का साफ संकेत है कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव अब एक बेहद खतरनाक और विनाशकारी मोड़ की तरफ बढ़ रहा है.


एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी शांति प्रस्ताव की शर्तों को "अवास्तविक, अतार्किक और हद से ज्यादा" करार दिया है. बगाई ने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच कोई सीधा संपर्क नहीं है, जो भी संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, वह पूरी तरह से मध्यस्थों के जरिए ही हो रहा है.

ईरान लगभग सहमतः ट्रंप का दावा

दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि पाकिस्तान के जरिए भेजे गए इस 15-सूत्रीय प्रस्ताव पर ईरान लगभग सहमत हो गया है. हालांकि, ट्रंप ने खुद अपनी बात पर संदेह जताते हुए कहा था, "ईरान के मामले में आप कभी कुछ पक्के तौर पर नहीं कह सकते, क्योंकि हम उनसे बातचीत करते हैं और फिर हमें हमेशा उन पर हमला करना पड़ता है."

खार्ग द्वीप और ईरानी तेल पर ट्रंप की नजर

शांति प्रस्ताव के ठुकराए जाने के बाद अमेरिका द्वारा ईरान पर लिमिटेड ग्राउंड इनवेजन की अटकलें तेज हो गई हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, पूर्ण-स्तरीय युद्ध के बजाय अमेरिकी सेना फारस की खाड़ी में ईरान के सबसे बड़े तेल केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा करने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास सर्जिकल छापे मारने की योजना बना सकती है.

ईरानी तेल पर कब्जा करने की मंशा

भले ही ट्रंप ने अभी तक इस सैन्य योजना को अंतिम मंजूरी नहीं दी है, लेकिन उन्होंने एक इंटरव्यू में ईरानी तेल पर कब्जा करने की अपनी मंशा साफ जाहिर कर दी है. ट्रंप ने इस कदम का विरोध करने वाले अमेरिकी आलोचकों को 'बेवकूफ' तक कह डाला.

शार्क का भोजन बनेंगे अमेरिकी सैनिक

अमेरिकी सेना की आक्रामक तैयारियों को देखते हुए ईरान ने बेहद खौफनाक चेतावनी जारी की है. तेहरान ने अमेरिका को सीधे तौर पर ललकारते हुए कहा है कि अगर किसी भी अमेरिकी सैनिक ने ईरान की धरती पर कदम रखने की जुर्रत की, तो वे "फारस की खाड़ी की शार्क का भोजन" बन जाएंगे.

संसद के स्पीकर ने उठाए सवाल

ईरानी संसद के स्पीकर ने भी अमेरिका के इरादों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वाशिंगटन कूटनीति और शांति वार्ता का महज नाटक कर रहा है, जबकि पर्दे के पीछे उसकी असली मंशा जमीनी हमले के जरिए ईरान पर दबाव बनाने की है.