नई दिल्ली: ईरान में महंगाई, गिरती मुद्रा और आर्थिक संकट के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब बेहद हिंसक रूप ले चुके हैं. अलग अलग रिपोर्टों के अनुसार अब तक इन प्रदर्शनों में कम से कम 217 लोगों की मौत हो चुकी है. हजारों लोग घायल बताए जा रहे हैं और 2300 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. हालात को काबू में करने के लिए ईरानी सरकार ने सख्त कदम उठाने के संकेत दिए हैं.
अमेरिका स्थित एक न्यूज एजेंसी ने शुरुआत में 62 मौतों की पुष्टि की थी. वहीं एक मैगजीन ने डॉक्टरों के हवाले से बताया कि छह अस्पतालों में ही 217 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि असली आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है. ईरान की सरकारी मीडिया लगातार प्रदर्शनकारियों को आतंकी और तोड़फोड़ करने वाला बताकर कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश कर रही है.
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया कि उनके हाथ ईरानियों के खून से सने हैं. सरकारी टीवी पर दिए गए भाषण में खामेनेई ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य खून देकर बना है और दबाव में नहीं झुकेगा. उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रंप का अंजाम 1979 में ईरान के शाह जैसा हो सकता है.
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि अगर ईरानी सरकार ने अपने ही लोगों पर गोली चलाना बंद नहीं किया तो अमेरिका जवाब देगा. ट्रंप ने कहा कि यह जमीनी सैन्य कार्रवाई नहीं होगी लेकिन ईरान को जहां सबसे ज्यादा दर्द होगा वहीं चोट की जाएगी. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि 86 वर्षीय खामेनेई देश छोड़ने की तैयारी में हो सकते हैं.
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ईरान में देशव्यापी इंटरनेट शटडाउन लागू कर दिया गया है. नेटब्लॉक्स और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है. नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स संगठन के अनुसार मरने वालों में कम से कम नौ बच्चे शामिल हैं.
भारत ने भी हालात पर चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ईरान में रह रहे करीब 10 हजार भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है. तेहरान समेत कई शहरों में तानाशाही के खिलाफ नारे लग रहे हैं और यह आंदोलन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद सत्ता के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है.