ईरान में खामेनेई के खिलाफ जनविद्रोह, सेना की सख्ती में 35 मौतें, अब तक 1200 से ज्यादा लोग गिरफ्तार

ईरान में बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गए हैं. सरकारी कार्रवाई में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 1200 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है.

social media
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: ईरान एक बार फिर बड़े जनआंदोलन की चपेट में है. बढ़ती महंगाई, गिरती मुद्रा और खराब होती अर्थव्यवस्था के खिलाफ जनता सड़कों पर उतर आई है. राजधानी तेहरान समेत कई प्रमुख शहरों में इस्लामिक शासन के विरोध में नारेबाजी हो रही है. अयातुल्ला अली खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार ने इन प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने का रास्ता अपनाया है, जिससे हालात और गंभीर होते जा रहे हैं.

महंगाई और अर्थव्यवस्था बना विरोध का कारण

ईरान में आम जनता लंबे समय से महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रही है. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और हालिया सैन्य तनावों के बाद हालात और बिगड़ गए. दिसंबर में ईरानी मुद्रा रियाल का मूल्य गिरकर एक डॉलर के मुकाबले लगभग 14 लाख रियाल तक पहुंच गया. इसके बाद से ही देश के अलग-अलग हिस्सों में लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा.

तेहरान से शिराज तक सड़कों पर नारे

तेहरान, इस्फहान, मशहद, शिराज और कोम जैसे बड़े शहरों में हजारों लोग इस्लामिक शासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों ने 'डेथ टू खामेनेई' और 'मुल्लाओं को देश छोड़ना होगा' जैसे नारे लगाए. 31 में से 27 प्रांतों में 250 से अधिक स्थानों पर प्रदर्शन होने की खबर है, जिससे आंदोलन की व्यापकता साफ दिखती है.

सुरक्षा बलों की सख्ती और मौतें

सरकार ने इन प्रदर्शनों को विदेशी साजिश करार देते हुए सुरक्षा बलों को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. स्थानीय मानवाधिकार संगठनों के अनुसार हिंसा में अब तक 29 प्रदर्शनकारी, 4 बच्चे और 2 सुरक्षा जवान मारे गए हैं. इसके अलावा 1200 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है. कई जगहों पर गोलियों की आवाज और झड़पों की खबरें सामने आई हैं.

आईआरजीसी और पुलिस भी हुए घायल

ईरानी अर्धसैनिक बल आईआरजीसी से जुड़ी एजेंसियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की हिंसा में सुरक्षा बलों को भी नुकसान पहुंचा है. रिपोर्टों के मुताबिक करीब 250 पुलिसकर्मी और बासिज बल के 45 सदस्य घायल हुए हैं. सरकार का दावा है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजबूरन सख्ती कर रही है.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अमेरिकी चेतावनी

ईरान में बढ़ती मौतों पर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हिंसा जारी रही तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है. हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इसे आंतरिक मामला बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है और क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की धमकी भी दी है.