'ईरान छोड़ दो', अमेरिका ने अपने नागरिकों को दी चेतावनी; मिडिल ईस्ट में युद्ध का खतरा बढ़ा
ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है. इंटरनेट बंदी, गिरफ्तारी के खतरे और सीमित मदद को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की गई है.
नई दिल्ली: ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के तेज होने के साथ हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. इसी बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए कड़ा ट्रैवल एडवाइजरी जारी करते हुए उन्हें जल्द से जल्द ईरान छोड़ने की सलाह दी है. अमेरिकी वर्चुअल दूतावास ने चेताया है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं. इंटरनेट शटडाउन, सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती और राजनयिक सहायता की कमी के चलते अमेरिका ने नागरिकों से स्वयं फैसले लेने को कहा है.
अमेरिकी नागरिकों को तुरंत निकलने की सलाह
अमेरिकी वर्चुअल एंबेसी इन ईरान ने साफ कहा है कि जो नागरिक सुरक्षित रूप से देश छोड़ सकते हैं, उन्हें देरी नहीं करनी चाहिए. सलाह में कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर लोग जमीनी रास्ते से आर्मेनिया या तुर्किये की ओर यात्रा पर विचार करें. अमेरिका का मानना है कि मौजूदा हालात में सुरक्षा जोखिम तेजी से बढ़ रहे हैं और किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना जरूरी है.
इंटरनेट बंदी और सुरक्षा जोखिम
एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान इंटरनेट सेवाएं बार-बार बाधित की जा सकती हैं. नागरिकों से वैकल्पिक संपर्क साधन तैयार रखने को कहा गया है. अमेरिकी अधिकारियों ने आगाह किया है कि इंटरनेट बंद होने से आपात स्थिति में मदद लेना मुश्किल हो सकता है. ऐसे में परिवार और दोस्तों के साथ संपर्क बनाए रखना और फोन चार्ज रखना बेहद जरूरी बताया गया है.
प्रदर्शन से दूर रहने की हिदायत
अमेरिकी नागरिकों को किसी भी तरह के प्रदर्शन या भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने को कहा गया है. सलाह में कहा गया है कि लोग कम प्रोफाइल में रहें और अपनी गतिविधियों पर नजर रखें. अगर देश छोड़ना संभव न हो, तो सुरक्षित स्थान पर रहने, भोजन, पानी और जरूरी दवाओं का पर्याप्त इंतजाम करने की भी सिफारिश की गई है.
दोहरी नागरिकता वालों के लिए मुश्किलें
अमेरिका ने विशेष रूप से अमेरिकी-ईरानी दोहरी नागरिकता रखने वालों को लेकर चेतावनी दी है. ईरान दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता, ऐसे में ऐसे लोगों को केवल ईरानी नागरिक माना जाता है. इसका मतलब यह है कि उन्हें ईरानी पासपोर्ट पर ही देश छोड़ना होगा. अमेरिकी पहचान या संबंध दिखाना पूछताछ, गिरफ्तारी या हिरासत का कारण बन सकता है.
सीमित सहायता और स्विस दूतावास की भूमिका
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि ईरान में उसकी कोई राजनयिक या कांसुलर मौजूदगी नहीं है, इसलिए सहायता सीमित है. अमेरिका के हितों की देखरेख स्विट्जरलैंड का दूतावास करता है. हालांकि, अमेरिकी सरकार ने यह भी कहा है कि किसी भी यात्रा विकल्प में सुरक्षा की गारंटी नहीं दी जा सकती. ईरान में बढ़ते विरोध, महंगाई और शासन के खिलाफ गुस्से के बीच हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं.