ईरान में आधी-रात में सड़क पर उतरे लोग, प्रदर्शनों के बीच पूरे देश में इंटरनेट बंद, अब तक 40 लोगों की मौत!
ईरान में धरना-प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है. हालांकि बढ़ते आक्रोश को काबू करने के लिए गुरुवार देर रात इंटरनेट और टेलीफोन सेवाएं बंद कर दी गई. ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी ने भी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है.
नई दिल्ली: ईरान में हिंसा-प्रर्दशन बढ़ती ही जा रही है. पूरे ईरान में गुरुवार देर रात इंटरनेट कनेक्टिविटी और टेलीफोन लाइनें बंद कर दी गई. ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रज़ा पहलवी द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के आह्वान के बाद राजधानी समेत अन्य शहरों के लोग सड़कों पर उतर आए.
तेहरान के निवासियों ने घरों से भी नारे लगाए और सड़कों पर रैलियां कीं. इस प्रदर्शन के 12वें दिन देशव्यापी अशांति में एक नया उछाल आया है. जनता बढ़ती कीमतों, नौकरियों और रहने की लागत को लेकर गुस्सा सड़कों और घरों तक फैल गया.
देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट
ईरान में लगातार विरोध-प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है, जिसे कंट्रोल करने के लिए इंटरनेट एक्सेस और फोन सेवाएं काट दी गईं. कई क्षेत्रों में NOTAM (विमान चालकों के लिए नोटिस) जारी किए गए, और तबरीज अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें निलंबित कर दी गईं. इंटरनेट निगरानी समूह नेटब्लॉक्स ने कहा कि लाइव डेटा से पता चलता है कि कई सेवा प्रदाताओं में कनेक्टिविटी ठप हो गई है, जिससे देश के बड़े हिस्से एक महत्वपूर्ण क्षण में प्रभावी रूप से डिस्कनेक्ट हो गए हैं.
नेटब्लॉक्स ने कहा कि लाइव मेट्रिक्स के मुताबिक ईरान अब देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट के बीच में है. उन्होंने कहा कि यह देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शनों को लक्षित करने के लिए डिजिटल सेंसरशिप लगाई गई है. इंटरनेट की मदद से बड़ी संख्या लोग एक मुहिम के साथ आगे बढ़ रहे थे, जिसे रोकने के मकसद से यह कदम उठाया गया है.
प्रिंस रजा पहलवी ने किया आह्वान
ईरान भर के शहरों और ग्रामीण कस्बों में गुरुवार को भी प्रदर्शन का सिलसिला जारी रहा. इसके समर्थन में बाजार बंद कर दिए गए. वहीं अमेरिकी मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसियों का कहना है कि प्रदर्शनों के आसपास हुई हिंसा में कम से कम 39 लोग मारे गए हैं. जबकि 2,260 से अधिक अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है. पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार रात 8 बजे प्रदर्शनों का आह्वान किया था.
गवाहों ने बताया कि जब घड़ी में समय हुआ, तो तेहरान के आस-पड़ोस में नारे लगने लगे. नारों में तानाशाह की मौत हो! और इस्लामी गणतंत्र की मौत हो! शामिल थे. अन्य लोगों ने कहा कि यह आखिरी लड़ाई है! पहलवी वापस आएंगे! पहलवी ने एक बयान में कहा कि ईरान के महान राष्ट्र, दुनिया की निगाहें आप पर हैं. सड़कों पर उतरें और एक एकजुट होकर अपनी मांगों को बुलंद करें.
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