नई दिल्लीः पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की अटक जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने सिफर मामले में पूछताछ की है. इस पूछताछ के दौरान इमरान खान ने गोपनीय राजनयिक केबल के गलत इस्तेमाल करने की बात स्वीकार की है. मीडिया रिपोर्टों के द्वारा इस बात की जानकारी दी गई है.
तोशाखाना मामले में सजा काट रहे
70 साल के इमरान खान को तोशाखाना मामले में लाहौर के ट्रायल कोर्ट ने तीन सालों की सजासुनाई थी. अटक जेल में वह तीन साल की सजा काट रहे हैं. गोपनीय केबल वही दस्तावेज है जिसे इमरान खान ने पिछले साल पीएम पद से हटाने के लिए अमेरिका समर्थित साजिश के रूप में पेश किया था. इमरान ने अप्रैल 2022 में प्रधानमंत्री पद से हटने से कुछ दिन पहले एक रैली में यह दस्तावेज लहराते हुए कहा था कि यह विदेशी साजिश का सबूत है.
एजेंसी ने की पूछताछ
सिफर मामले में पीटीआई चीफ से पूछताछ उनके द्वारा इसकी जानकारी सावर्जिनक किए जाने के बाद आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, संघीय जांच एजेंसी ( एफआईए ) ने शनिवार को अटक जेल में उनसे पूछताछ की है.
सिफर खोने की बात स्वीकारी
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, FIA के उपनिदेशक अयाज खान के नेतृत्व में 6 दलीय टीम ने इमरान खान से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की. इमरान खान ने पूछताछ के दौरान सिफर खोने की बात स्वीकार की है. उन्होंने कहा कि उन्हें अभी याह नहीं आ रहा है कि उन्होंने इसे कहां रखा था. इमरान ने इस बात से इंकार कर दिया कि रैली में लहराया गया कागज गोपनीय राजनियक केबल था.
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