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India Daily

अमेरिका में पुलिस वाहन की टक्कर से हुई थी भारतीय छात्रा की मौत, अब पीड़ित परिवार को मिलेगा 262 करोड़ का मुआवजा

सिएटल में तेज रफ्तार पुलिस वाहन से हुई भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की मौत के मामले में उसके परिवार को 29 मिलियन डॉलर का मुआवजा मिला है. इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए.

Anuj
Edited By: Anuj
अमेरिका में पुलिस वाहन की टक्कर से हुई थी भारतीय छात्रा की मौत, अब पीड़ित परिवार को मिलेगा 262 करोड़ का मुआवजा
Courtesy: @english_ritam

नई दिल्ली: अमेरिका में भारतीय छात्रा जाह्नवी कंडुला की दर्दनाक मौत के मामले में अब बड़ा फैसला सामने आया है. सिएटल शहर के अधिकारियों ने जाह्नवी के परिवार के साथ समझौता कर लिया है. इस समझौते के तहत शहर प्रशासन पीड़ित परिवार को 29 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 262 करोड़ रुपये का मुआवजा देगा. यह फैसला लगभग तीन साल बाद आया है और इसे परिवार के लिए आंशिक न्याय के रूप में देखा जा रहा है.

यह हादसा जनवरी 2023 में हुआ था. उस समय 23 वर्षीय जाह्नवी कंडुला सिएटल में पढ़ाई कर रही थी. वह नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री की छात्रा थी. घटना वाले दिन वह सड़क पार कर रही थी, तभी एक पुलिस अधिकारी की तेज रफ्तार गाड़ी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी. टक्कर इतनी भीषण थी कि वह लगभग 100 फीट दूर जा गिरी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई.

आपातकालीन कॉल पर जा रहे थे अधिकारी

जिस पुलिस अधिकारी की गाड़ी से यह हादसा हुआ, उनका नाम केविन डेव था. वह एक ओवरडोज से जुड़ी आपातकालीन कॉल पर जा रहे थे. हालांकि, जांच में सामने आया कि वह 25 मील प्रति घंटे की निर्धारित रफ्तार वाली सड़क पर 74 मील प्रति घंटे की स्पीड से गाड़ी चला रहे थे. डैशकैम फुटेज में साफ दिखा कि जाह्नवी सड़क पार कर रही थी, लेकिन तेज रफ्तार के कारण अधिकारी गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख पाए.

पुलिस अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दायर

इस घटना के बाद जाह्नवी के परिवार ने साल 2024 में पूर्व पुलिस अधिकारी केविन डेव के खिलाफ 110 मिलियन डॉलर का मुकदमा दायर किया था. लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अब 29 मिलियन डॉलर के समझौते पर सहमति बनी है. हालांकि, अभियोजकों ने केविन डेव के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया था. उन्हें केवल लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में 5,000 डॉलर का जुर्माना लगाया गया. बाद में उन्हें नौकरी से भी हटा दिया गया.

बॉडी कैमरा वीडियो सामने आया

इस मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया था, जब एक अन्य पुलिस अधिकारी डेनियल ऑडेरर का बॉडी कैमरा वीडियो सामने आया. वीडियो में वह जाह्नवी की मौत पर असंवेदनशील टिप्पणी करते हुए हंसते नजर आए थे और उन्होंने कहा था कि शहर को बस एक चेक काट देना चाहिए. इस बयान से भारत और अमेरिका दोनों जगह आक्रोश फैल गया था. भारत सरकार ने भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी. बाद में डेनियल ऑडेरर को भी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

वकील एरिका इवांस ने क्या कहा?

जाह्नवी के परिवार की वकील एरिका इवांस ने कहा है कि यह समझौता परिवार को कुछ हद तक सुकून और राहत देगा. हालांकि, उनकी बेटी की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती. यह मामला लापरवाही, जवाबदेही और संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.