नई दिल्ली: रूस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म WhatsApp को पूरे देश में ब्लॉक कर दिया है. रूस ने अपने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वो घरेलू प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करना शुरू करें. इस कदम से करीब 100 मिलियन स ज्यादा यूजर्स अलग-थलग हो जाएंगे.
एक्स पर एक पोस्ट के अनुसार, आज रूसी सरकार ने लोगों को सरकारी सर्विलांस ऐप की ओर ले जाने के लिए व्हाट्सऐप को ब्लॉक कर दिया है. 100 मिलियन से ज्यादा यूजर्स की सिक्योरिटी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है. साथ ही कहा है कि सरकार यूजर्स को कनेक्टेड रखने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है.
बता दें कि मॉस्को ने कई इंटरनेट प्लेटफॉर्म को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर वो रूस के कानूनों का पालन नहीं करते हैं, तो उन्हें ब्लॉक किया जा सकता है. नियमों के अनुसार, रूस के सभी नागरिकों का डाटा देश के अंदर ही स्टोर होना चाहिए. इसके लिए देश के बाहर के डाटा सेंटर का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए. किसी भी तरह के गलत कंटेंट को रोकने के लिए प्लेटफॉर्म को काम करना चाहिए, जिसे मॉस्को क्रिमिनल या टेररिस्ट कहता है.
ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स और क्रिटिक्स की बात करें तो इनका कहना है कि यह कदम क्रेमलिन की ऑनलाइन एक्टिविटी को कंट्रोल करने की एक बड़ी कोशिश का हिस्सा है.
टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव ने इस कदम की आलोचना की है. उन्होंने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार अपने नागरिकों को निगरानी और पॉलिटिकल सेंसरशिप के लिए डिजाइन किए गए सरकारी कंट्रोल वाले ऐप पर जाने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रही है. इससे नागरिकों पर नजर जाएगी.
मॉस्को मैक्स नाम की एक ऐप को प्रमोट कर रहा है, जो एक सरकारी सर्विस है. इस ऐप के जरिए मैसेजिंग, पेमेंट और दूसरी सरकारी सर्विस का एक्सेस आसानी से मिल जाएगा. बता दें कि यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि अधिकारी रूस के अंदर डिजिटल कम्युनिकेशन पर कड़ा कंट्रोल चाहते हैं.
देखा जाए तो यह पहली बार नहीं है, जब रूस ने टेलीग्राम को ब्लॉक करने की कोशिश की है. अधिकारियों ने युद्ध से पहले भी ऐप पर बैन लगाने की कोशिश की थी, लेकिन रोक नाकाम रही और 2020 में बैन हटा लिया गया था.