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जेडी वेंस और पीटर नवारो बने अड़चन, भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर ट्रंप खेमे के सीनेटर ने किया खुलासा

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर गतिरोध के पीछे ट्रंप प्रशासन के भीतर मतभेद सामने आए हैं. रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज के कथित ऑडियो में जेडी वेंस और पीटर नवारो को विरोधी बताया गया है.

ani
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित ट्रेड डील पर लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया है. इस बीच अमेरिकी राजनीति से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है. रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज के कथित लीक ऑडियो में दावा किया गया है कि इस डील के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट ट्रंप प्रशासन के भीतर ही है. इस खुलासे ने भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर नई बहस छेड़ दी है.

ट्रेड डील पर क्यों अटका मामला

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर कई दौर की वार्ता हो चुकी है. दोनों देश शुल्क, बाजार पहुंच और घरेलू उद्योगों की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश कर रहे हैं. बावजूद इसके, समझौता अब तक अंतिम रूप नहीं ले सका है. अब सामने आ रहे दावों से संकेत मिलता है कि यह गतिरोध केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि अमेरिकी प्रशासन के अंदरूनी मतभेदों का नतीजा भी है.

लीक ऑडियो में क्या बोले टेड क्रूज

एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, रिपब्लिकन सीनेटर टेड क्रूज का एक कथित ऑडियो सामने आया है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि की गई है. इस ऑडियो में क्रूज यह कहते सुने गए कि वे भारत के साथ ट्रेड डील को आगे बढ़ाने के लिए व्हाइट हाउस के भीतर संघर्ष कर रहे थे. जब उनसे पूछा गया कि विरोध कौन कर रहा है, तो उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और आर्थिक सलाहकार पीटर नवारो का नाम लिया.

वेंस, नवारो और ट्रंप की भूमिका

ऑडियो में क्रूज ने यह भी संकेत दिया कि कई मौकों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद भी इस विरोध में शामिल दिखे. हालांकि सार्वजनिक मंचों पर ट्रंप भारत के साथ बेहतर व्यापार संबंधों की बात करते रहे हैं. दावोस में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए एक 'अच्छी डील' का भरोसा भी दिलाया था, लेकिन अंदरखाने स्थिति इससे अलग बताई जा रही है.

टैरिफ नीति पर कड़ी चेतावनी

कथित ऑडियो में क्रूज ने ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर गंभीर चिंता जताई. उनका कहना था कि अत्यधिक टैरिफ अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकते हैं. उन्होंने यह तक चेतावनी दी कि अगर 2026 के मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को भारी नुकसान हुआ, तो ट्रंप पर महाभियोग का खतरा पैदा हो सकता है.

अमेरिकी राजनीति और भारत पर असर

क्रूज ने यह भी दावा किया कि अप्रैल 2025 में टैरिफ लागू होने के बाद उन्होंने और अन्य सीनेटरों ने देर रात तक ट्रंप से फोन पर बात की थी. इस बातचीत का माहौल तनावपूर्ण बताया गया. इन खुलासों से साफ है कि अमेरिकी घरेलू राजनीति का असर भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पड़ रहा है, जिससे भविष्य की दिशा अभी भी अनिश्चित बनी हुई है.