India US Trade Deal: अमेरिका ने भारत को बताया महत्वपूर्ण साझेदार, द्विपक्षीय व्यापार समझौते का 9 जुलाई को होगा अंतिम चरण
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच 9 जुलाई को समाप्त हो रही 90-दिन की व्यापार शुल्क राहत अवधि से पहले द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत तेज हो गई है. अमेरिका ने भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार बताया है और समझौते की संभावनाएं बढ़ गई हैं.
India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है. 9 जुलाई की डेडलाइन से पहले दोनों देशों के बीच राजनयिक और व्यापारिक स्तर पर संपर्क लगातार तेज़ हो गया है. यह डेडलाइन उस 90-दिवसीय अस्थायी अवधि का अंत है, जिसमें दोनों देशों ने एक-दूसरे पर प्रतिशोधात्मक शुल्क यानि रेसिप्रोकल टैरिफ नहीं लगाने का निर्णय लिया था.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए अमेरिका के विदेश विभाग की उप प्रवक्ता मिग्नॉन ह्यूस्टन ने कहा कि भारत अमेरिका के लिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक समीकरणों को लेकर बड़ा समझौता संभावित है.
आर्थिक व रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा
मिग्नॉन ह्यूस्टन ने कहा, “हम भारत को इंडो-पैसिफिक में एक अनिवार्य सहयोगी मानते हैं और यही कारण है कि हम उसके साथ मजबूत आर्थिक व रणनीतिक साझेदारी को बढ़ावा देना चाहते हैं.” उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देशों के बीच चल रही वार्ताएं रचनात्मक और सकारात्मक दिशा में बढ़ रही हैं.
भारत ने मांगी इन वीजा नियमों में रियायत
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर कई वर्षों से बातचीत जारी है, लेकिन कई मसलों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण यह समझौता टलता रहा है. भारत ने जहां अमेरिका से कृषि उत्पादों और वीजा नियमों में रियायत की मांग की है, वहीं अमेरिका का फोकस डिजिटल व्यापार, डेटा सुरक्षा और निवेश नियमों पर है. 9 जुलाई की समयसीमा इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अगर तब तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ तो दोनों देश फिर से एक-दूसरे पर व्यापारिक शुल्क बढ़ाने की कार्रवाई कर सकते हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार प्रभावित हो सकता है.
भारत-अमेरिका के बीच व्यापारिक समझौता
फिलहाल भारत-अमेरिका व्यापार लगभग 200 अरब डॉलर के आसपास है, और दोनों देश इसे अगले कुछ वर्षों में दोगुना करने की दिशा में काम कर रहे हैं. ऐसे में यह समझौता दोनों पक्षों के लिए आर्थिक और रणनीतिक रूप से काफी मायने रखता है. भारत सरकार की ओर से अभी तक कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक अंतिम दौर की बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है और जल्द ही दोनों देशों के बीच एक व्यापक व्यापार समझौते की घोषणा हो सकती है.