India-Pakistan Conflict: 'चीन से मिली सैटेलाइट मदद', ट्रंप से हुई मीटिंग और पाक की बड़ी-बड़ी बातें, कबूलनामे से खुली पोल

ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में माना कि चीन के सैटेलाइट पाकिस्तान की मदद को तत्पर थे. उन्होंने कहा, 'हमें इसकी पुष्टि नहीं करनी चाहिए लेकिन चीन एक सच्चा दोस्त है.' ये भी जोड़ा कि पाकिस्तान ने खुद लड़ाई लड़ी, लेकिन चीन की मदद 'मूल्यवान' थी.

Pinterest
Reepu Kumari

India-Pakistan Conflict: पाकिस्तान एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह उसकी कोई जीत नहीं, बल्कि खुद का कबूलनामा है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने खुलकर स्वीकार किया है कि भारत से युद्ध के दौरान चीन ने उसकी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी से मदद की थी. उन्होंने चीन को “खास दोस्त” बताते हुए कहा कि मुश्किल वक्त में वो हमेशा साथ खड़ा रहा. उधर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उनकी सरकार ने एक और बड़ा दावा कर दिया है, इस बार कि पाकिस्तान ने ईरान और इजरायल के बीच की जंग रुकवाई. दावा है कि पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने अमेरिका जाकर ट्रंप से बात की और जंग रुकवा दी.

लेकिन जैसे ही मुनीर पाकिस्तान लौटे, अमेरिका ने ईरान पर हमला कर दिया. अब सवाल ये है कि आखिर पाकिस्तान दुनिया को क्या दिखाना चाहता है?

भारत से बात की गुहार और चीन की गोद में बैठा पाकिस्तान

पाकिस्तान एक तरफ भारत से बातचीत की भीख मांग रहा है, दूसरी तरफ भारत के खिलाफ जंग में चीन की सैटेलाइट मदद को गर्व से स्वीकार रहा है. शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब से भारत से बात करवाने की गुजारिश की, क्योंकि भारत ने पाकिस्तान की पानी सप्लाई रोकी हुई है.

ईरान-इजरायल युद्ध रोकने का फर्जी दावा

पाकिस्तानी सरकार कह रही है कि उनके फील्ड मार्शल मुनीर ने ट्रंप से मिलकर ईरान-इजरायल युद्ध रुकवाया. लेकिन ये दावा सवालों के घेरे में है क्योंकि इसके बाद अमेरिका ने खुद ईरान पर हमला कर दिया. फिर ट्रंप ने कौन सी जंग रुकवाई?

चीन से तकनीकी मदद पर कबूलनामा

ख्वाजा आसिफ ने एक इंटरव्यू में माना कि चीन के सैटेलाइट पाकिस्तान की मदद को तत्पर थे. उन्होंने कहा, 'हमें इसकी पुष्टि नहीं करनी चाहिए लेकिन चीन एक सच्चा दोस्त है.' ये भी जोड़ा कि पाकिस्तान ने खुद लड़ाई लड़ी, लेकिन चीन की मदद 'मूल्यवान' थी.

पहले आतंक, फिर झूठ-यही है पाकिस्तान की रणनीति

पाकिस्तान के मंत्री पहले ही मान चुके हैं कि देश ने पश्चिमी देशों के लिए आतंकवादी पैदा किए हैं. अब वही सरकार खुद को दुनिया का ‘शांतिदूत’ बताकर नई नई कहानियां गढ़ रही है.