नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 और 26 जनवरी को इजरायल दौरे पर जाने वाले हैं. इस बात की जानकारी खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को दी है. उन्होंने मेजर अमेरिकन ज्यूइश ऑर्गनाइज़ेशन के प्रेसिडेंट्स के कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए इस बात की घोषणा की है.
नेतन्याहू ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि क्या आप सबको पता है कि अगले हफ़्ते यहां कौन आ रहा है? इसके बाद थोड़ा समय लेकर खुद उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी आ रहे हैं. इस घोषणा के बाद वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर पीएम मोदी को आमंत्रित किया.
बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के साथ अपने रिश्ते को लेकर कहा कि इजरायल और नई दिल्ली के बीच जबरदस्त अलायंस है. उन्होंने कहा कि आपको पता है कि भारत कोई छोटा देश नहीं है, यहां 1.4 बिलियन लोगों वाला बहुत ही पावरफुल और बहुत ही पॉपुलर कंट्री है. इस समय हर देश के साथ अपने व्यापार संबंध सुधारने पर जोर दे रहा है. पीएम मोदी के इजरायल दौरे से उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच स्ट्रेटेजिक, डिफेंस और टेक्नोलॉजिकल रिश्तों को नई रफ़्तार मिलने की उम्मीद है. पीएम मोदी का इस समय तीसरा कार्यकाल चल रहा है. इस कार्यकाल में इजरायल का पहला दौरा तय किया गया है. इससे पहले वे 2017 में इजरायल दौरा पर पहुंचे थे. दोनों देशों के बीच नौ साल पहले डिप्लोमैटिक रिश्तों के 25 साल पूरे हुए थे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पिछली यात्रा के दौरान डिफेंस, साइबर सिक्योरिटी, खेती और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग पर बातचीत की थी. वहीं इस बार, दोनों नेताओं के पश्चिम एशिया में सुरक्षा की स्थिति के साथ-साथ क्षेत्रीय और ग्लोबल डेवलपमेंट पर चर्चा करने की उम्मीद की जा रही है. हालांकि इस नौ साल में दोनों देशों के संबंध काफी सुधरे हैं. दोनों देशों ने बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी पर साइन किए. कॉमर्स और इंडस्ट्री मिनिस्टर पीयूष गोयल पिछले साल इजरायल दौरे पर पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने FTA के लिए टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस (TOR) पर साइन किया था. दुनिया में चल रहे उथल-पुथल के बीच दो मजबूत देशों का एक होना दोनों के लिए अच्छा साबित होगा.