हमास चाहे तो थम जाए फिलिस्तीन में कत्ल-ए-आम, इजरायल तो शांति के लिए तैयार हो गया!
इजरायल पर गाजा के लड़ाकों ने पिछले साल 7 अक्टूबर को हमला किया. कई लड़ाकों ने सीमा पार कर के कई जगहों पर हमला किया. जरायली आंकड़ों के अनुसार लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी और लगभग 250 बंधकों का अपहरण कर लिया था.
इजरायल का हमला गाजा पट्टी पर जारी है. अमेरिका सहित कई देश शांति के प्रयास में हैं. विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बैठक के बाद हमास से गाजा युद्ध विराम और बंधकों की रिहाई के लिए अमेरिका के प्रस्ताव को स्वीकार करने का आग्रह किया.
उन्होंने पहले कहा कि समझौते के लिए किया गया नवीनतम प्रयास संभवतः सबसे अच्छा और संभवत अंतिम अवसर है. उन्होंने दोनों पक्षों से समझौते की ओर बढ़ने का आग्रह किया था. पिछले सप्ताह कतर में वार्ता बिना किसी सफलता के रुक गई थी, लेकिन इजरायल और हमास के बीच दूरी को पाटने के अमेरिकी प्रस्ताव के आधार पर इस सप्ताह वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीद है.
इजरायल कई शर्तें मानने के लिए तैयार
हालांकि, फिलिस्तीनी इस्लामवादी समूह द्वारा कई वर्षों के बाद इजरायल के अंदर आत्मघाती बमबारी फिर से शुरू करने की घोषणा, तथा चिकित्सकों द्वारा यह कहना कि इजरायली सैन्य हमलों में सोमवार को गाजा पट्टी में कम से कम 30 फिलिस्तीनी मारे गए. ब्लिंकन ने तेल अवीव में संवाददाताओं से कहा कि आज प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ एक बहुत ही रचनात्मक बैठक में उन्होंने कहा कि इजरायल इस विवाद को सुलझाने के लिए तैयार है.
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कहां फंस रही है बात
हमास ने रविवार को नेतन्याहू पर मध्यस्थों के प्रयासों को विफल करने का आरोप लगाया तथा तुर्की ने कहा कि हमास के दूतों ने उसे बताया है कि अमेरिकी अधिकारी अत्यधिक आशावादी तस्वीर पेश कर रहे हैं. महीनों से चल रही वार्ताएं एक ही मुद्दे पर केंद्रित हैं, जिसमें इजरायल का कहना है कि युद्ध केवल हमास को एक सैन्य और राजनीतिक शक्ति के रूप में नष्ट करने के साथ ही समाप्त हो सकता है, जबकि हमास का कहना है कि वह केवल एक स्थायी युद्धविराम को ही स्वीकार करेगा न कि एक अस्थायी युद्धविराम को.
इजरायल पर गाजा के लड़ाकों ने पिछले साल 7 अक्टूबर को हमला किया. कई लड़ाकों ने सीमा पार कर के कई जगहों पर हमला किया. जरायली आंकड़ों के अनुसार लगभग 1,200 लोगों की हत्या कर दी थी और लगभग 250 बंधकों का अपहरण कर लिया था. इसके बाद इजरायली सेना ने गाजा पर तबाह कर दिया. लगभग 2.3 मिलियन लोग अपने घरों से बेघर हो गए हैं.