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'रफाह में तुरंत रोको हमले', हमास से जंग के बाद ICJ ने दिया इजरायल को सबसे बड़ा झटका

Israel Hamas War: शुक्रवार को गाजा में इजरायल द्वारा किए जा रहे नरसंहार मामले की सुनवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय अदालत ने अपना फैसला सुना दिया. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने इजरायल से तुरंत रफाह शहर में सैन्य आक्रमण को रोकने की बात कही है.

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ICJ orders
Courtesy: Social Media

Israel Hamas War: अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने इजरायल से गाजा के रफाह में तुरंत हमला बंद करने का आदेश दिया है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स की खबर के अनुसार, यूएन की शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों ने शुक्रवार को इजरायल को गाजा के दक्षिणी शहर रफाह पर हमला रोकने का आदेश दिया. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के प्रेसिडेंट नवफ सलाम ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मार्च माह में कोर्ट द्वारा जारी किए गए उपाय गाजा की वर्तमान स्थितियों से मेल नहीं खाते हैं. अब नए आपातकालीन आदेश लागू करने की स्थिति आ चुकी है. फैसला पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि इजरायल को गाजा में अपना सैन्य आक्रण तुरंत रोकना चाहिए. इस फैसले को हमास से जंग शुरू होने के बाद इजरायल के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि इस फैसले के बाद तेल अवीव पर दुनियाभर के देशों से जंग रोकने का दबाव बढ़ेगा. 

अंतरराष्ट्रीय अदालत (ICJ) ने दक्षिण अफ्रीका द्वारा दायर किए गए मुकदमे पर यह फैसला सुनाया है. दक्षिण अफ्रीका ने इजरायल को गाजा में नरसंहार करने का दोषी ठहराया था और इंटरनेशनल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.  फैसला आने के बाद फिलिस्तीन समर्थकों ने आजाद फिलिस्तीन के नारे लगाए और उसका ध्वज लहराया.  बीते हफ्ते साउथ अफ्रीका के वकीलों ने यूएन की शीर्ष न्यायिक संस्था से मांग की थी कि वे गाजा में आपातकालीन उपायों को लागू करें. प्रिटोरिया के वकीलों का कहना था फिलिस्तीन के अस्तित्व को बचाए रखने के लिए इजरायल के नरसंहार को रोकना होगा. इजरायल द्वारा गाजा में किए जा रहे हमलों को रोकना होगा. 

'हमास पर हमला केवल आत्मरक्षा'
यूएन की शीर्ष अदालत में सुनवाई के दौरान इजरायली प्रतिनिधियों सैन्य कार्रवाई का बचाव किया. नरसंहार के आरोपों को निराधार बताया और उन्हें खारिज कर दिया. कोर्ट में इजरायल ने कहा कि गाजा में की जा रही कार्रवाई हमास आतंकियों पर केंद्रित है जिसका संबंध आत्मरक्षा से है. 

दक्षिण अफ्रीका ने इजरायल पर राज्य द्वारा केंद्रित नरसंहार का आरोप लगाया है. हालांकि कोर्ट ने प्रिटोरिया की इस दलील पर फैसला नहीं सुनाया है. रिपोर्ट के अनुसार, यह फैसला आने में लंबा समय लग सकता है.

'नरसंहार रोके इजराइल'
कोर्ट ने इजरायल द्वारा इस केस को खारिज करने की मांग को जरूर ठुकरा दिया है. अंतरराष्ट्रीय अदालत ने इससे पहले के अपने फैसलों में इजरायल को नरसंहार रोकने और मदद के लिए रास्ता देने का फैसला सुनाया था. इस फैसले में किसी भी तरह के सैन्य अभियान को रोकने की बात नहीं की गई थी.