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India Daily

Video: ये है असली लोकतंत्र, पेरिस में कपड़े उतारकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं, चुपचाप देखती रही पुलिस; जानें पूरा मामला

रविवार को फ्रांस के पेरिस में लौवर पिरामिड के सामने महिलाएं एकत्र हुईं और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के विरोध में कपड़े उतारकर विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों ने 'महिलाओं पर हिंसा बंद करो' और 'महिलाओं के जीवन की स्वतंत्रता' के संदेश प्रदर्शित किए.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
Video: ये है असली लोकतंत्र, पेरिस में कपड़े उतारकर सड़कों पर उतरीं महिलाएं, चुपचाप देखती रही पुलिस; जानें पूरा मामला

Paris News: फ्रांस की राजधानी पेरिस में हजारों महिलाओं ने देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते यौन अपराधों और यौन हिंसा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. पेरिस में लौवर पिरामिड के सामने सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने अर्धनग्न होकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके अलावा पूरे फ्रांस में जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन देखने को मिले. अच्छी बात ये है कि महिलाओं के प्रति होने वाली यौन हिंसा के खिलाफ हो रहे इस विरोध प्रदर्शन में पुरुषों ने भी हिस्सा लिया.

लिंग आधारित हिंसा और प्रजनन अधिकार
बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने गुलाबी रंग की तख्तियां लहराते हुए महिलाओं के खिलाफ बढ़ती लिंग आधारित हिंसा और उनके प्रजनन अधिकारों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया.

ट्रंप की वापसी पर जताई चिंता

प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के बाद महिलाओं के अधिकारों की संभावित वापसी पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने गिसेले पेलिकॉट के लिए एकजुटता व्यक्त की जिनका उनके पूर्व पति और दर्जनों अन्य पुरुषों ने उन्हें नशीला पदार्थ खिलाकर उनका रेप किया. इस घटना ने पूरे फ्रांस में यौन हिंसा को लेकर आक्रोश भड़का दिया है.

नारीवादी समूह नूस टाउट्स का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला मायले नोयर ने कहा, 'हिंसा करने वाला दुर्भाग्य से कोई भी हो सकता है, हमारा भाई, हमारा पिता हमारा सहकर्मी कोई भी. यह हमारा बॉस भी हो सकता है. मुझे लगता है कि यह लोगों के लिए बड़ा झटका है.'

बलात्कारी की कोई पहचान नहीं
उन्होंने कहा कि किसी के चेहरे पर नहीं लिखा होता कि वह बलात्कारी है और पीड़िता कौन हो सकती है ये भी किसी के बारे में नहीं कहा जा सकता है.

लिंग समानता और यौन हिंसा रोकने के लिए कदम उठाए सरकार
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार यौन हिंसा से लड़ने के लिए निवेश करे और देश में लिंग समानता को बढ़ावा दे.