पाकिस्तान में हिंदू व्यक्ति की हत्या, सिंध में विरोध प्रदर्शन शुरू; लोगों ने किया चक्का-जाम
पाकिस्तान के बादिन जिले में एक हिंदू किसान को हत्या सिर्फ इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने जमींदार की जगह पर एक छोटी-सी झोपड़ी बनाई थी.
नई दिल्ली: पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बादिन जिले में एक युवा हिंदू किसान की हत्या कर दी गई है, जिसके बाद बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. इस घटना से स्थानीय लोगों, खासकर हिंदू समुदाय और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा नजर आ रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, पीड़ित कैलाश कोल्ही को सरफराज निजामानी नाम के एक जमींदार ने गोली मार दी. खबरों के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब कैलाश कोल्ही ने उस जमीन पर एक छोटी-सी झोपड़ी बनाने की कोशिश की, जहां वो रहता था.
इस पर जमींदार ने आपत्ति जताई. जब वो नहीं माना तो जमींदार ने किसान को गोली मार दी. इस हत्या ने इलाके में गरीब और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
प्रदर्शनकारियों ने किया चक्का-जाम:
कैलाश कोल्ही की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. यह तेजी से पूरे इलाके में फैल गया. प्रदर्शनकारियों ने बादिन-हैदराबाद नेशनल हाईवे और बादिन-थार कोल रोड सहित मुख्य सड़कों को जाम लगा दिया. सड़क जाम होने के कारण सैकड़ों गाड़ियां कई घंटों तक वहां फंसी रहीं. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है और न्याय नहीं मिल जाता तब तक वो सड़क से नहीं हटेंगे.
बड़े से लेकर बच्चे भी डटे रहे सड़क पर:
बता दें कि विरोध प्रदर्शन सुबह 10:00 बजे शुरू हुआ और बिना रुके देर रात तक चलता रहा. पुरुष, महिलाएं, बुजुर्ग और यहां तक कि बच्चे भी सड़कों पर एक साथ डटे रहे, सभी कैलाश कोल्ही के लिए न्याय की मांग कर रहे थे. सामाजिक कार्यकर्ता शिव कच्छी ने इस विरोध प्रदर्शन को दर्द और जमीर की आवाज बताया. उन्होंने कहा कि कैलाश कोल्ही की एकमात्र गलती गरीब होना और हाशिए पर पड़े समुदाय से होना था.
इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कैलाश के बच्चे, मां और पत्नी गहरे दुख में हैं और सवाल कर रहे हैं कि क्या एक ऐसे सिस्टम में गरीब लोगों की जिंदगी की कोई कीमत है जो ताकतवर जमींदारों की रक्षा करता है. बता दें कि इससे पहले, कैलाश कोल्ही के परिवार और समुदाय के सदस्यों ने पीरू लशारी स्टॉप पर उनके शव को रखकर विरोध प्रदर्शन किया था. उस समय, बादिन के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया था कि आरोपी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया जाएगा. हालांकि, चार दिन बीत जाने के बाद भी जब आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया तो लोगों में गुस्सा बढ़ गया.
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