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कनाडा तक पहुंच गया हंता वायरस? क्रूज शिप से लौटने के बाद पॉजिटिव हुआ ब्रिटिश कोलंबिया का एक यात्री!

हंता वायरस का पहला मामला अब कनाडा पहुंच चुका है. ब्रिटिश कोलंबिया के एक यात्री में संभावित रूप से इसे पॉजिटिव पाया गया है. मरीज को फिलहाल आइसोलेशन में रखा गया है.

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Shanu Sharma

हंता वायरस अब अपना पैर पसारना शुरू कर चुका है. कनाडा में पहला पॉजिटिव मामला सामने आया है. अंटार्कटिका के क्रूज शिप से फैला यह वायरस अब दुनिया के लिए खतरा बनता जा रहा है. ब्रिटिश कोलंबिया का एक यात्री संभावित रूप से पॉजिटिव बताया जा रहा है. पॉजीटिव मरीज को विक्टोरिया के एक अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है. वहीं राष्ट्रीय लैब, विनिपेग में उसके अंदर पाए गए एंडीज स्ट्रेन की अंतिम जांच चल रही है.  

मिल रही जानकारी के मुताबिक प्रभावित मरीज को पहले आम बुखार और खांसी की समस्या थी. लेकिन जब उसका टेस्ट किया गया तो उसमें एंडीज स्ट्रेन पाया गया हैं. कुछ हफ्ते पहले MV Hondius जहाज उशुआइया, अर्जेंटीना से अंटार्कटिका की यात्रा पर रवाना हुआ था. इस यात्रा के दौरान ही कुछ यात्री इस वायरस की चपेट में आ गए थे. जब यात्री वापस लौटे तब इस वायरस की पुष्टि की गई थी.

वैंकूवर द्वीप परआइसोलेशन में थे यात्री

कनाडा के जिस यात्री में इस वायरस का संदेह जताया जा रहा है वह उन्हीं लोगों में शामिल है, जो क्रूज से लौटकर वैंकूवर द्वीप पर आइसोलेशन में चले गए थे. यात्रा से लौटने के कुछ दिनों बाद संक्रमित यात्री को हल्का बुखार और सिरदर्द की समस्या हुई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां उसमें एंडीज स्ट्रेन की पुष्टि हुई, हालांकि उसके दोस्त का टेस्ट नेगेटिव आया है. हालांकि एहतियात के तौरपर उसके दोस्त को भी निगरानी में रखा गया है. जानकारी के मुताबिक वह व्यक्ति आइसोलेशन में था, इसलिए वह किसी के संपर्क में नहीं आया है, जिसके कारण इसके फैलने का खतरा  काफी कम हो गया है.


क्या है हंता वायरस?

बता दें कि हंता वायरस चूहों के मल-मूत्र से फैलता है लेकिन एंडीज स्ट्रेन काफी अलग है. यह किसी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकता है, लेकिन इसके दोनों व्यक्तियों के बीच लंबा और करीब होना जरूरी है. क्रूज शिप में यात्रा कर रहे यात्री एक दूसरे के काफी करीब थे, इसलिए यह आसानी से फैल गया.

क्रूज शिप पर 20 से ज्यादा देशों के लगभग 150 यात्री सवार थे. वायरस के शुरुआती लक्षण बुखार, सिरदर्द, थकान, कंपकंपी बताई जा रही है. हालांकि समस्या बढ़ जाने पर यह हंता वायरस पल्मोनरी सिंड्रोम में बदल सकता है. जिसके बाद पॉजिटिव मरीज के फेफड़ों में पानी भर जाता है और सांस लेने में परेशानी होने लगती है. WHO की ओर से इसे आम जनता के लिए खतरा बताया गया है.