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कर्नाटक में 50 करोड़ का निवेश घोटाला! 35 हजार लोगों की जमा पूंजी फंसी, शिवम एसोसिएट्स का प्रमोटर गिरफ्तार

कर्नाटक के बेलगावी में शिवम एसोसिएट्स नाम की कंपनी पर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश घोटाले का आरोप लगा है. 35 हजार निवेशकों के पैसे फंसने की आशंका है. पुलिस ने कंपनी के प्रमोटर शिवानंद नीलन्नावर को गिरफ्तार कर जांच तेज कर दी है.

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Dhiraj Kumar Dhillon

कर्नाटक के बेलगावी जिले में एक बड़े निवेश घोटाले का खुलासा हुआ है. मामला शिवम एसोसिएट्स नाम की कंपनी से जुड़ा है, जिसके प्रमोटर शिवानंद एस. नीलन्नावर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी के बाद जांच में सामने आए तथ्यों ने पूरे कर्नाटक में सनसनी फैला दी है. अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र के सबसे बड़े निवेश घोटालों में से एक हो सकता है.

पुलिस के मुताबिक शिवम एसोसिएट्स लोगों से पैसा जमा कर भारी मुनाफे का लालच दे रही थी. निवेशकों से 36 प्रतिशत तक रिटर्न देने का वादा किया गया था. बैंक और अन्य सामान्य निवेश की तुलना ज्यादा लाभ के वादे के चलते हजारों लोगों ने अपनी जीवनभर की जमा पूंजी कंपनी में लगा दी.

35 हजार निवेशकों के फंसने की आशंका

शुरूआती जांच में सामने आया है कि करीब 35 हजार लोग इस स्कीम से जुड़े हो सकते हैं. अधिकारियों को शक है कि कंपनी ने 50 करोड़ से अधिक की रकम जुटाई है. हालांकि जांच एजेंसियों का मानना है कि यह आंकड़ा और बड़ा हो सकता है, क्यों‌कि मामले की जांच अभी जारी है.

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कंपनी के पास पैसा जमा करने की कोई वैध अनुमति नहीं थी. न तो उसे भारतीय रिजर्व बैंक की मंजूरी मिली थी और न ही भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की अनुमति थी. ऐसे में कंपनी की गतिविधियों को नियमों के खिलाफ माना जा रहा है.

शिकायतों के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई

लगातार बढ़ती शिकायतों के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और 15 मई को शिवानंद नीलन्नावर को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद कंपनी के दफ्तरों और उससे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गई. पुलिस ने दस्तावेज, कंप्यूटर और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं.जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कंपनी का नेटवर्क कितना बड़ा था और कितने लोगों का पैसा इसमें फंसा हुआ है. 

किसानों और बुजुर्गों की जिंदगी भर की कमाई दांव पर

जानकारी के मुताबिक इस स्कीम में निवेश करने वालों में बड़ी संख्या में किसान, पेंशनधारक और रिटायर्ड फौजी शामिल हैं. कई किसानों ने जमीन अधिग्रहण के बदले सरकार से मिले मुआवजे तक को इस स्कीम में निवेश कर दिया था. अब उनकी जिंदगी भर की कमाई खतरे में पड़ गई है.

सीआईडी जांच की तैयारी, बैंक खाते फ्रीज

अधिकारियों का कहना है कि घोटाले के तार दूसरे जिलों और राज्यों तक जुड़े हो सकते हैं. इसी वजह से मामले की सीआईडी को सौंपने पर विचार किया जा रहा है. फिलहाल पुलिस ने कंपनी से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही पीड़ित निवेशकों से आगे आकर ‌शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है, ताकि कानूनी कार्रवाई और पैसे वापस दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जा सके.