ईरान के निशाने पर खाड़ी क्षेत्र, कुवैत और कतर के एंर्जी स्टेशनों पर ड्रोन-मिसाइल हमले; ईधन सप्लाई चेन पर बढ़ा खतरा

ईरान ने कुवैत और कतर के प्रमुख तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है. ईरान का यह हमला इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद हुआ है.

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Shanu Sharma

मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ रहा है. इजरायल द्वारा किए गए हमले के बाद ईरान खाड़ी देशों पर लगातार हमला कर रहा है. ईरान ने कुवैत और कतर की प्रमुख तेल-गैस सुविधाओं पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों छोड़ दी है.इन हमलों के कारण रिफाइनरी में आग लग गई, लेकिन स्थिति को जल्दी से कंट्रोल कर लिया गया. 

कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमले ने सप्लाई चेन को प्रभावित किया है. कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने बताया कि एक परिचालन इकाई में लगी आग को तुरंत आपातकालीन टीम द्वारा संभाल लिया गया. कुवैत नेशनल पेट्रोलियम कंपनी ने पुष्टि की कि स्थिति नियंत्रण में है. 

कतर एनर्जी ने की पुष्टि

ईरान ने कतर के रास लफान औद्योगिक शहर पर बैलिस्टिक मिसाइलें छोरी है. यह दुनिया का सबसे बड़ा एलएनजी (द्रवीकृत प्राकृतिक गैस) केंद्र है. यहां हमले के कारण व्यापक नुकसान हुआ है. कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि नागरिक सुरक्षा टीमों ने आग बुझा दी. घटना में घायल होने की कोई खबर नहीं है. इस हमले के बारे में जानकारी देते हुए कतर एनर्जी ने पुष्टि की कि कई एलएनजी सुविधाएं निशाने पर थीं. उन्होंने कहा कि उत्पादन पहले से ही रिफाइनरी प्रभावित थी, अब और चुनौतियां बढ़ गई हैं. कतर की मदद के लिए अमेरिकी राष्ट्र पति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सुर ऊंचे किए हैं. उन्होंने कहा कि अगर दोबारा यहां हमला किया गया तो ईरान पर कई गुना ज्यादा बड़े हमले किए जाएंगे. 

अमेरिकी राष्ट्रपति ने दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका को इजरायल के हमले की पूर्व जानकारी नहीं थी. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान अब कतर पर हमला करता है तो अमेरिका साउथ पार्स को पूरी तरह नष्ट कर देगा.दोनों देशों के अधिकारी बार-बार बता रहे हैं कि आग तेजी से बुझा दी गई. ईरान के इस हमले ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है. तेल और गैस कीमतें आसमान छू रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि स्थिति कंट्रोल नहीं हुई तो तो सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है. भारत में इसका असर ज्लद ही देखने को मिल सकता है. हालांकि स्थिति अभी तक कंट्रोल में है, लेकिन युद्ध बढ़ा तो खतरा बढ़ सकता है.