POK में सड़कों पर उतरे Gen- Z, पीएम शहबाज शरीफ की उखड़ी सांसें, नेपाल जैसा हो सकता है पाकिस्तान का हाल

इस बार आंदोलन की कमान जनरेशन Z यानी छात्रों ने संभाली है, जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हालांकि यह शांतिपूर्ण विरोध तब हिंसक हो गया जब एक व्यक्ति ने छात्रों पर गोली चला दी. अब ये आंदोलन सरकार और सैन्य भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक विरोध में बदल चुका है.

@thewonkin
Sagar Bhardwaj

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में छात्रों का आक्रोश उफान पर है. मुज़फ़्फ़राबाद और आसपास के इलाकों में हजारों छात्र शिक्षा सुधारों और ई-मार्किंग सिस्टम के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. जो प्रदर्शन फीस वृद्धि और रिजल्ट में गड़बड़ी के खिलाफ शुरू हुआ था, वह अब शहबाज़ शरीफ़ सरकार और सेना की नीतियों के विरोध का रूप ले चुका है. सोशल मीडिया पर विरोध की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिससे पाकिस्तान सरकार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं.

पीओके में जेन Z प्रदर्शन हुआ हिंसक

शुरुआती तौर पर शांतिपूर्ण रहे प्रदर्शन उस वक्त हिंसक हो गए जब मुज़फ़्फ़राबाद में एक अज्ञात शख्स ने छात्रों पर गोली चला दी. एक छात्र घायल हुआ और माहौल बिगड़ गया. गुस्साए छात्रों ने टायर जलाए, तोड़फोड़ की और सरकार विरोधी नारे लगाए. ये प्रदर्शन नेपाल और बांग्लादेश में हुए जनरेशन Z विरोधों की तरह दिख रहे हैं. पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमलावर को पकड़ नहीं गया.

क्या है जेन Z की मांग

छात्र नए ई-मार्किंग सिस्टम और महंगी रीचेकिंग फीस के विरोध में हैं. इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम छह महीने की देरी से आने पर भी कई छात्रों को बेहद कम अंक मिले. कुछ छात्रों को ऐसे विषयों में पास दिखाया गया जिनकी परीक्षा उन्होंने दी ही नहीं. अब मीरपुर बोर्ड ने इस सिस्टम की समीक्षा के लिए कमेटी बनाई है. छात्र रीचेकिंग फीस माफ करने की मांग पर अड़े हैं.

एक महीने पहले भी जल उठा था PoK

एक महीने पहले भी POK में 12 लोगों की मौत के साथ हिंसक आंदोलन हुआ था. तब लोगों ने टैक्स राहत, आटा और बिजली पर सब्सिडी और विकास परियोजनाओं की मांग की थी. सेना की सख्ती के बाद हालात बिगड़ गए थे और सरकार को समझौता करना पड़ा. मौजूदा विरोध उसी असंतोष का अगला चरण माना जा रहा है.

जेन Z को मिला JAAC का समर्थन

इस बार आंदोलन को “ज्वॉइंट अवामी एक्शन कमिटी” (JAAC) का समर्थन मिला है, जिसने पिछले विरोध का नेतृत्व किया था. JAAC के शामिल होने से आंदोलन को और बल मिला है. छात्रों के साथ अब स्थानीय कर्मचारी और सामाजिक संगठन भी जुड़ गए हैं.

जब जेन Z के प्रदर्शन के बाद नेपाल में हो गया था तख्तापलट

POK का यह छात्र आंदोलन नेपाल और बांग्लादेश की जनरेशन Z विरोध लहर जैसा दिख रहा है. नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन सरकार गिरने तक पहुंचा था. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर पाकिस्तान सरकार ने हालात पर ध्यान नहीं दिया, तो ये विरोध राष्ट्रीय स्तर पर फैल सकता है.