ढाका में फिर खूनी संघर्ष; उस्मान हादी के इंसाफ के लिए भिड़े छात्र और पुलिस, शाहबाग बना रणक्षेत्र

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस और इंकलाब मंच के बीच हिंसक झड़प हुई. इसमें 50 लोग घायल हुए हैं. सरकार ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र से मदद मांगी है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: बांग्लादेश के ढाका में शुक्रवार शाम एक बार फिर हिंसा भड़क उठी. शाहबाग इलाके में पुलिस और 'इंकलाब मंच' के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई. यह प्रदर्शन दिवंगत छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के लिए न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया था. पुलिस की कार्रवाई में कम से कम 50 लोग घायल हुए हैं. यह घटना अंतरिम सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रही है क्योंकि प्रदर्शनकारी अब अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग पर अड़े हुए हैं.

शुक्रवार शाम करीब 7:50 बजे शाहबाग चौराहे पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई. जब पुलिस ने इंकलाब मंच के कार्यकर्ताओं को वहां से हटाने का प्रयास किया. तो हिंसक झड़प शुरू हो गई. ढाका ट्रिब्यून के अनुसार. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर साउंड ग्रेनेड का भी इस्तेमाल किया. इस झड़प में ढाका-18 के स्वतंत्र उम्मीदवार मोहिउद्दीन रोनी सहित कई लोग घायल हुए हैं. जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया.

मुख्य सलाहकार के आवास पर दोहरा प्रदर्शन 

ढाका में मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के आवास के बाहर शुक्रवार को यह दूसरा बड़ा विरोध प्रदर्शन था. इससे पहले सुबह के समय सरकारी कर्मचारियों ने नए वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था. शाम होते-होते उस्मान हादी की हत्या के न्याय की मांग ने उग्र रूप ले लिया. पुलिस के अनुसार. घायल हुए करीब 50 कार्यकर्ताओं को ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

कौन थे छात्र नेता उस्मान हादी? 

उस्मान हादी 2024 के उस छात्र आंदोलन 'जुलाई विद्रोह' के प्रमुख चेहरा थे. जिसने शेख हसीना की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था. हादी आगामी 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों में उम्मीदवार भी थे. 12 दिसंबर को चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें गोली मार दी गई थी. जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई. उनकी मौत ने युवाओं में भारी रोष पैदा कर दिया है. जो अब सड़कों पर उतरकर जवाब मांग रहे हैं.

निष्पक्ष जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र की मदद 

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हादी हत्याकांड में न्याय का भरोसा दिया है. प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने बताया कि सरकार इस मामले की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (OHCHR) से संपर्क करेगी. सरकार का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाली जांच ही इस मामले में पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित कर सकती है. सरकार ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है ताकि कानूनी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाया जा सके.