'परमिट रिन्यू नहीं हुआ, भारत छोड़कर जाना पड़ेगा...', फ्रांस के पत्रकार ने किया दावा
फ्रांसीसी पत्रकार सेबेस्टियन फ्रार्सिस ने दावा किया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा उनका परमिट रिन्यू करने से इंकार करने के बाद उन्हें भारत छोड़ कर जाना पड़ा. इससे पहले भी एक फ्रांस के पत्रकार ने आरोप लगया था कि उन्हें भी भारत छोड़ने पर मजबूर किया गया था. जबकि दोनों को ही ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया का दर्जा प्राप्त है.
एक फ्रांसीसी पत्रकार सेबेस्टियन फांर्सिस ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है,' भारत में13 साल तक संवाददाता के तौर पर काम करने के बाद, अधिकारियों ने मुझे पत्रकार के तौर पर काम करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है. इस तरह मुझे देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा.'
फार्सिस, रेडियो फ्रांस इंटरनेशन, रेडियो फ्रांस, लिबरेशन और स्विस और बेल्जियम के सार्वजनिक रेडियो के लिए दक्षिण एशिया के संवाददाता थे.
फ्रांस के पत्रकार ने किया दावा
फार्सिस ने X पर अपने पोस्ट में लिखा, '17 जून को मुझे भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया गया, एक ऐसा देश जहां मैं 13 साल तक पत्रकार के रूम में काम किया तथा रेडियो फ्रांस इंटरनेशनल, रेडियो फ्रांस, लिबरेशन और स्विस व बेल्जियम के सार्वजनिक रेडियो के लिए दक्षिण एशिया संवाददाता के रूप में सेवाएं दीं. बावजूद मुझे देश छोड़ना पड़ा.'
पत्रकार का आरोप, भारत छोड़ने के लिए किया गया मजबूर
फार्सिस ने कहा, वह 2011 से भारत में बतौर पत्रकार के रूम में काम कर रहे थे और उनके पास सभी आवश्यक वीजा की मान्यताएं सहित सभी दस्तावेज थी. गृह मंत्रालय से औपचारिक और बार-बार अनुरोध किए जाने के बाद भी उन्हें हटाने का कोई ठोक कारण नहीं बताया है.
आगे फार्सिस ने लिखा 'मैंने कभी बिना परमिट के प्रतिबंधित या संरक्षित क्षेत्रों में काम नहीं किया है. कई मौकों पर गृह मंत्रालय ने मुझे सीमावर्ती क्षेत्रों से रिपोर्ट करने की इजाजत दी थी.'
बता दें कि 4 महीने पहले डोगनैक जो एक फ्रांसीसी पत्रकार है. उन्होंने ने भी यह आरोप लगाया कि उन्हें भारत छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था. डोगनैक की तरह फार्सिस को भी ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया का दर्जा प्राप्त है.