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क्या है Yoga Economy जिसका PM मोदी ने किया जिक्र? समझिए भारत की अर्थव्यवस्था को कैसे मिलेगी रफ्तार

What is Yoga Economy: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान 'Yoga Ecnonomy' का जिक्र किया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार सुबह श्रीनगर में 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भाग लेने के बाद कहा कि पिछले 10 वर्षों में दुनिया ने एक नई योग अर्थव्यवस्था (Yoga Economy) देखी है. आइए, पीएम मोदी के इस बयान को समझते हैं.

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क्या है Yoga Economy जिसका PM मोदी ने किया जिक्र? समझिए भारत की अर्थव्यवस्था को कैसे मिलेगी रफ्तार
Courtesy: Social Media

What is Yoga Economy: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 के मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया एक नई योग अर्थव्यवस्था (Yoga Economy) देखेगी. उन्होंने श्रीनगर में कहा कि इस साल के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विषय 'स्वयं और समाज के लिए योग' है, जो व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर कल्याण बढ़ाने में योग की भूमिका पर जोर देती है.

जम्मू-कश्मीर के दो दिवसीय दौरे (20-21 जून) पर आए प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (SKICC) में लगभग 3,500 लोगों के साथ योग किया. योग समारोह के समापन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज कश्मीर की धरती से मैं दुनिया भर के सभी लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई देता हूं. 10 साल पहले मैंने संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा था. भारत के प्रस्ताव को 177 देशों ने समर्थन दिया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है.

जब प्रधानमंत्री मोदी ने किया Yoga Economy का जिक्र

उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में योग के विकास ने इसे लेकर लोगों की धारणा को बदल दिया है और दुनिया अब एक नई योग अर्थव्यवस्था (Yoga Ecnonomy) के उदय को देख रही है. पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में योग के विस्तार ने योग से जुड़ी धारणा को बदल दिया है. आज दुनिया एक नई योग अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ते हुए देख रही है. ऋषिकेश और काशी से लेकर केरल तक, हम भारत में योग पर्यटन के एक नए चलन को उभरते हुए देख सकते हैं... आतिथ्य, पर्यटन, परिधान आदि से जुड़े क्षेत्र लोगों की भारी आमद से फल-फूल रहे हैं. इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने योग की वैश्विक यात्रा पर जोर देते हुए कहा कि भारत में आयुष विभाग (AYUSH Department) ने योग करने वालों के लिए योग प्रमाणन बोर्ड (Yoga Certification Board) की स्थापना की है. उन्होंने कहा कि पिछले साल मुझे अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में योग दिवस कार्यक्रम की अध्यक्षता करने का अवसर मिला था. इस कार्यक्रम में 130 से अधिक देशों के लोगों ने भाग लिया था. योग की यात्रा जारी है. भारत में आयुष विभाग ने योग करने वालों के लिए योग प्रमाणन बोर्ड का गठन किया है. भारत में 100 से अधिक प्रमुख संस्थानों और विदेशों में 10 संस्थानों को इस बोर्ड से प्रमाणन प्रदान किया गया है.

उन्होंने ये भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में योग के प्रति बढ़ती रुचि केंद्र शासित प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करती है. प्रधानमंत्री ने श्रीनगर में कहा कि योग के प्रति व्यापक उत्साह तथा लोगों की इसमें शामिल होने की उत्सुकता ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने का अवसर पैदा किया है. इस वर्ष के अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का थीम 'स्वयं और समाज के लिए योग' है, जो व्यक्तिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर कल्याण बढ़ाने में योग की भूमिका पर प्रकाश डालता है. साल 2015 से, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली, चंडीगढ़, देहरादून, रांची, लखनऊ, मैसूर और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय समेत विभिन्न स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के समारोहों का नेतृत्व किया है.

एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर में की कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत

प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले यानी गुरुवार को जम्मू-कश्मीर में कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की, साथ ही कई अन्य का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया. इनमें 1,800 करोड़ रुपये की कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता सुधार परियोजना (जेकेसीआईपी) भी शामिल थी. ये पहल जम्मू और कश्मीर के 20 जिलों के 90 इलाकों में शुरू की जाएगी, जिससे 300,000 परिवार लाभान्वित होंगे और 1.5 मिलियन लोग प्रभावित होंगे. इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 84 प्रमुख विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया. इनमें सड़क अवसंरचना में सुधार, जलापूर्ति योजनाएं और उच्च शिक्षा सुविधाओं में वृद्धि आदि शामिल हैं.

उन्होंने चेनानी-पटनीटॉप-नाशरी सेक्शन के विस्तार, औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और छह सरकारी डिग्री कॉलेजों के निर्माण जैसी परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी. पीएम मोदी के आगमन से पहले पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे. आईजीपी कश्मीर जोन विधि कुमार बिरदी ने कहा कि ये बहुस्तरीय सुरक्षा है. सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, यहां हाई अलर्ट सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. श्रीनगर पुलिस ने घोषणा की कि शहर को 'अस्थायी रेड जोन' माना गया था.