Weather

दुबई एयरपोर्ट पर ईरान के 2 ड्रोन हमले! 1 भारतीय समेत 4 घायल, उड़ानें पूरी तरह नॉर्मल

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ईरान के दो ड्रोन गिरने से एक भारतीय समेत चार लोग घायल हुए हैं. एयरपोर्ट पर उड़ानें सामान्य हैं. ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई जंग में घायल बताए गए, लेकिन उनके करीबी ने कहा कि वे सुरक्षित और ठीक हैं.

pintrest
Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है. बुधवार को दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक दो ड्रोन गिरने से हड़कंप मच गया. इस घटना में एक भारतीय नागरिक सहित चार लोग हल्के रूप से घायल हुए हैं.

दूसरी ओर ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबरें सामने आई हैं. ईरानी राष्ट्रपति के बेटे ने इन अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि वे सुरक्षित हैं. युद्ध का दायरा बढ़ता जा रहा है और इससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरा असर पड़ रहा है.

दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास दो ड्रोन अचानक गिरे, जिससे चार लोग घायल हो गए. घायलों में घाना के दो नागरिक, एक बांग्लादेशी और एक भारतीय शामिल हैं. सभी को मामूली चोटें आई हैं. दुबई मीडिया ऑफिस ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि हादसे के बाद सुरक्षा जांच की गई और स्थिति नियंत्रण में है.

उड़ानें बिना रुकावट जारी

हमले के बावजूद दुबई एयरपोर्ट पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा. हवाई यातायात पूरी तरह सामान्य बना हुआ है. अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है और यहां रोजाना हजारों उड़ानें संचालित होती हैं. इस घटना ने यात्रियों में थोड़ी चिंता जरूर पैदा की है. 

मोजतबा खामेनेई के घायल होने की खबर

ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के जंग के दौरान घायल होने की अफवाहें तेज हो गई थीं. ईरानी राष्ट्रपति के बेटे यूसुफ पेजेशकियन ने टेलीग्राम पर पोस्ट कर बताया कि उनके संपर्क में रहने वाले लोगों से बात हुई. उन्होंने कहा कि मोजतबा खामेनेई सुरक्षित और पूरी तरह ठीक हैं.

युद्ध के बीच अफवाहों का दौर

अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा ने सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारी संभाली है. न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार वे हमलों के पहले दिन घायल हुए थे. हालांकि अब उनके करीबियों ने स्पष्ट किया है कि वे खतरे से बाहर हैं. युद्ध के बीच ऐसी खबरें नेतृत्व की स्थिरता पर सवाल उठाती हैं.