फिर शांति के नोबेल पुरस्कार के लिए नामित हुए डोनाल्ड ट्रंप, जानें वजह

Donald Trump: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चौथी बार शांति के नोबेल प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया है. रिपब्लिकन सांसद क्लाउडिया टेनी ने उनका नाम प्रस्तावित किया है. प्रस्तावक ने कहा कि ट्रंप के प्रयासों की वजह से मध्य-पूर्व के संघर्ष को रोकने में काफी हद तक मदद मिली है.

Shubhank Agnihotri

Donald Trump: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चौथी बार शांति के नोबेल प्राइज के लिए नॉमिनेट किया गया है. रिपब्लिकन सांसद क्लाउडिया टेनी ने उनका नाम प्रस्तावित किया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप के प्रेसिडेंट रहते ही अब्राहम समझौता हुआ था. ट्रंप के प्रयासों के कारण इजरायल, बहरीन, और यूएई के बीच समझौता हुआ था. इस समझौते में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने बड़ी भूमिका निभाई थी. इसीलिए उनके नाम के प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया. बता दें कि ट्रंप को इससे पहले भी तीन बार नोबेल प्राइज के लिए नामित किया जा चुका है. 

ट्रंप ने कम कराया मध्य एशिया में तनाव

क्लाउडिया ने आगे कहा कि ट्रंप के कारण मिडिल ईस्ट में लंबे समय से कायम तनाव कम हुआ था. इसके बाद सूडान, मोरक्को, में भी इसी तरह के समझौता हस्ताक्षर किए गए. उन्होंने कहा कि ट्रंप ऐसे शख्स हैं जिन्होंने तीन दशकों से चल रहे संघर्ष को कम कराने में बड़ी भूमिका निभाई थी. उन्होंने वो कई जो कई संगठन नहीं कर पाए. 

अमेरिकी सैनिकों पर हमला, तीन की मौत 

आपको बता दें कि हाल ही में जॉर्डन में अमेरिका के टॉवर-22 चौकी पर एक ड्रोन स्ट्राइक हुई. इस हमले में तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हो गए. अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद मध्य एशिया में एक बार फिर से तनाव भड़क सकता है. इजरायल और हमास पहले ही जंग के मैदान में हैं. 

ट्रंप के समझौतों पर ध्यान दे नोबेल कमेटी 

क्लाउडिया ने आगे यह भी कहा कि 1994 में इजरायल और इजिप्ट के बीच हुए समझौते को यदि नोबेल समिति चुन सकती है तो उसे ट्रंप के द्वारा कराए गए समझौते पर भी ध्यान देना चाहिए. ट्रंप ने भी इजरायल और चार अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य करने में अहम भूमिका निभाई थी.