‘हम सही आंकड़ा निकालेंगे...’, ईरान में प्रदर्शन और मौतों को लेकर ट्रंप का बयान
ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान सरकार अगर अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा जारी रखती है, तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. अमेरिका स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और मारे गए लोगों की सही संख्या जानने की कोशिश की जा रही है.
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में हो रहे प्रदर्शनों और लोगों की मौतों को लेकर ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका ईरान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वहां मारे गए लोगों की सही संख्या जानने की कोशिश की जा रही है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर ईरान की सरकार अपने ही लोगों के खिलाफ हिंसा जारी रखती है, तो उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे.
डेट्रॉइट शहर में एक प्रोग्राम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह व्हाइट हाउस लौटकर ईरान की पूरी स्थिति की समीक्षा करेंगे. उन्होंने बताया कि अमेरिका यह समझना चाहता है कि ईरान में वास्तव में क्या हो रहा है और कितने लोगों की जान गई है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका किसी भी हाल में लोगों को मरते हुए नहीं देखना चाहता.
लोगों के लिए थोड़ी आजादी चाहते हैं ट्रंप:
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह ईरान में लोकतंत्र देखना चाहते हैं, तो ट्रंप ने कहा कि वह वहां के लोगों के लिए थोड़ी आजादी चाहते हैं. उन्होंने कहा कि ईरान के लोग लंबे समय से बहुत कठिन हालात में रह रहे हैं. ट्रंप के अनुसार, पहले ईरान एक अच्छा देश था, जहां के लोग भी अच्छे थे और निवेश के लिए भी वह जगह बेहतर मानी जाती थी. लेकिन अब वहां हालात काफी बिगड़ चुके हैं.
उन्होंने कहा कि उन्हें जल्द ही पूरी ब्रीफिंग मिलेगी और उसके बाद अमेरिका स्थिति के अनुसार कदम उठाएगा. ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका ईरान में हो रही भारी हिंसा और फांसी की घटनाओं को स्वीकार नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन एक बात है, लेकिन हजारों लोगों की हत्या और फांसी गंभीर विषय है.
ईरान में क्या हो रहा है?
ईरान में विरोध प्रदर्शनों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता लगातार बढ़ रही है. ईरानी अभियोजकों ने कहा है कि कई प्रदर्शनकारियों पर मोहरेबेह यानी ईश्वर के खिलाफ युद्ध जैसे आरोप लगाए जा सकते हैं. इन आरोपों में मृत्युदंड का प्रावधान है.
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने क्या जताई आशंका?
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने आशंका जताई है कि ईरान फिर से तेज सुनवाई और मनमानी फांसी का रास्ता अपना सकता है. ईरान ह्यूमन राइट्स संगठन ने 26 वर्षीय एरफान सोल्तानी का मामला भी सामने रखा है. बताया गया है कि उन्हें कराज शहर से गिरफ्तार किया गया था और उन्हें मौत की सजा सुनाई जा चुकी है. संभावना जताई जा रही है कि उनकी फांसी बुधवार को हो सकती है.