'मुझे पता है यूक्रेन को रूस NATO में क्यों नहीं शामिल होने देना चाहता', शपथ से पहले ट्रंप ने पुतिन पर दागे जुबानी गोले

Donald Trump on Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह रूस की भावनाओं को समझते हैं कि आखिर वो यूक्रेन को नाटो में क्यों नहीं शामिल होने देना चाहते.

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Gyanendra Tiwari

Donald Trump on Russia Ukraine War: राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले ही अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप फॉयर मोड में हैं. वह आए दिन अलग-अलग मुद्दों पर बयान देते रहते हैं. अब उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध को लेकर एक बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यूक्रेन को NATO में शामिल करने पर रूस की चिंता को समझने की बात की है. ट्रंप का कहना है कि रूस कई वर्षों से कहता आ रहा है कि यूक्रेन को NATO में शामिल नहीं किया जा सकता. यह एक ऐसा मुद्दा था जिसे रूस ने हमेशा अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी माना है. ट्रंप ने रूस और यूक्रेन युद्ध के लिए जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराया है. 

20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे. वह दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. इससे पहले वह 2016 से 2020 तक अमेरिका के राष्ट्रपति रह चुके हैं. राष्ट्रपति पद की शपथ लेने से पहले ही वह कई बड़े ऐलान कर चुके हैं. ऐसे में एक बार राष्ट्रपति बनने के बाद ट्रंप किस तरह से सत्ता चलाएंगे यह देखने वाली बात होगी. 

"यूक्रेन का NATO में न शामिल होना जैसे पत्थर पर लिखा है"

ट्रंप ने कहा, "रूस ने कई सालों से यह बात कही थी कि यूक्रेन को NATO में शामिल नहीं किया जा सकता. यह जैसे एक पत्थर पर लिखा हुआ था. लेकिन जो बाइडन ने कहा कि यूक्रेन को NATO का हिस्सा बनने का अधिकार है."

उन्होंने यह भी कहा कि जब NATO की सदस्यता की बात आई, तो रूस को यह डर था कि NATO की ताकत उनके दरवाजे तक पहुँच जाएगी. ट्रंप ने यह स्वीकार किया कि रूस के लिए यह स्थिति बहुत ही संवेदनशील थी और उन्होंने रूस की भावनाओं को समझने की बात की.

ट्रंप ने जो बाइडेन को ठहराया जिम्मेदार

ट्रंप ने जो बाइडन को यूक्रेन युद्ध का जिम्मेदार ठहराया. उनका कहना था कि अगर बाइडन ने यूक्रेन को NATO में शामिल होने की अनुमति न दी होती, तो शायद यह युद्ध न हुआ होता.

इस बयान से यह साफ है कि ट्रंप यूक्रेन के NATO में शामिल होने के मामले में रूस की चिंताओं को मानते हैं और मानते हैं कि इसे लेकर अमेरिका की नीतियाँ रूस के साथ और अधिक तनाव पैदा कर सकती थीं.