'नेतन्याहू जानते हैं असली बॉस कौन है...', व्हाइट हाउस में बैठक से पहले ट्रंप ने कसा इजरायली पीएम पर तंज

डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें पता है 'बॉस कौन है'. दोनों नेताओं की व्हाइट हाउस में जल्द मुलाकात हो सकती है.

Pinterest
Km Jaya

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर तीखी टिप्पणी की है. ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में मुलाकात का अनुरोध किया है, क्योंकि उन्हें पता है कि 'बॉस कौन है'. ट्रंप के इस बयान के बाद दोनों नेताओं के रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है.

अमेरिका की आजादी की 250वीं वर्षगांठ के अवसर पर इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने संकेत दिया कि दोनों नेताओं की जल्द मुलाकात हो सकती है. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने संभावित बैठक की पुष्टि की और कहा कि नेतन्याहू ने व्हाइट हाउस में मिलने का अनुरोध किया है. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश कई अहम मुद्दों पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

व्हाइट हाउस की से क्या कहा गया?

हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से संकेत मिले हैं कि ट्रंप के पहले से तय कार्यक्रमों और विदेश दौरों के कारण यह बैठक तय समय से कुछ आगे खिसक सकती है. इसके बावजूद माना जा रहा है कि दोनों नेताओं की मुलाकात जल्द हो सकती है.


यह बैठक ईरान से जुड़े सैन्य तनाव के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी. दोनों की पिछली बैठक फरवरी में हुई थी. उसी दौरान ईरान को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई थी. बाद में क्षेत्रीय घटनाक्रम और सैन्य तनाव के बाद अमेरिका और इजरायल के संबंधों को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आईं.

रिपोर्टों में क्या आया सामने?

हाल के महीनों में दोनों नेताओं के बीच कुछ नीतिगत मतभेदों की खबरें भी सामने आई हैं. रिपोर्टों में दावा किया गया कि क्षेत्रीय संघर्ष, युद्धविराम और शांति प्रयासों को लेकर दोनों देशों की प्राथमिकताओं में अंतर दिखाई दिया. हालांकि दोनों सरकारों ने सार्वजनिक रूप से सुरक्षा सहयोग जारी रहने की बात कही है.

विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप और नेतन्याहू दोनों अपने-अपने देशों की घरेलू राजनीति के लिहाज से भी चुनौतीपूर्ण दौर का सामना कर रहे हैं. ऐसे में प्रस्तावित बैठक केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पश्चिम एशिया की सुरक्षा, ईरान से जुड़े मुद्दों और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा का केंद्र बन सकती है.