US Israel Iran War

ईरान के लिए 'कयामत की रात'! ट्रंप की डेडलाइन खत्म होने में चंद घंटे बाकी, क्या टलेगी भीषण तबाही?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को मंगलवार रात 8 बजे तक का अल्टीमेटम दिया है. यदि कूटनीति विफल रही, तो अमेरिका 'इंफ्रास्ट्रक्चर डे' के तहत ईरान के पावर प्लांट और पुलों को पूरी तरह तबाह कर सकता है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपनी सबसे सख्त चेतावनी जारी कर दी है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि मंगलवार शाम 8 बजे की समय सीमा उनके लिए अंतिम है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा. यदि ईरान ने इस दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज नहीं खोला या कोई ठोस समझौता नहीं किया, तो अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है.

ट्रंप ने सोमवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने इरादे बिल्कुल साफ कर दिए थे. उन्होंने कड़े शब्दों में दोहराया कि मंगलवार शाम 8 बजे का समय उनकी आखिरी डेडलाइन है. यदि ईरान ने इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोला या कोई ठोस समझौता नहीं किया, तो पूरा देश एक ही रात में नेस्तनाबूद हो सकता है. ट्रंप के अनुसार, वह 'कयामत की रात' कल ही हो सकती है, जो ईरान के भविष्य को हमेशा के लिए बदल कर रख देगी.

'इंफ्रास्ट्रक्चर डे' की भयावह योजना 

अमेरिकी सैन्य रणनीतिकारों ने इस संभावित हमले को 'इंफ्रास्ट्रक्चर डे' का नाम दिया है. ट्रंप ने अपने सलाहकारों और विश्वासपात्रों के साथ इस भयावह योजना पर विस्तार से चर्चा की है. यदि हमला होता है, तो अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के ऊर्जा क्षेत्र को निशाना बनाएंगे. ट्रंप ने चेतावनी दी है कि रात 12 बजे तक ईरान का हर पुल खंडहर बन जाएगा और उसके पावर प्लांट विस्फोटों के साथ कभी न इस्तेमाल होने वाली स्थिति में पहुंच जाएंगे.

ट्रंप का विशेषाधिकार और कूटनीति 

एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, कूटनीति और युद्ध के बीच की इस पतली लकीर पर अंतिम फैसला सिर्फ ट्रंप का ही होगा. यदि राष्ट्रपति को महसूस होता है कि बातचीत किसी ठोस समझौते की ओर बढ़ रही है, तो वे हमलों को रोकने का आदेश दे सकते हैं. हालांकि, रक्षा विभाग के अधिकारी किसी भी नई मोहलत को लेकर आशंकित हैं. यह स्पष्ट है कि कूटनीतिक प्रयासों के लिए समय बहुत तेजी से हाथ से निकलता जा रहा है और तनाव चरम पर है.

कूटनीतिक उम्मीदें और सहयोगियों का रुख 

हमले की धमकियों के बीच ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि कूटनीति अब भी संभव है. उन्होंने कहा कि ईरान सद्भावना के साथ बातचीत की मेज पर मौजूद है. ट्रंप की वार्ता टीम में शामिल जेडी वेंस और जेरेड कुशनर समझौते की संभावनाओं को तलाश रहे हैं. हालांकि, इजरायल और सऊदी अरब जैसे क्षेत्रीय सहयोगी लगातार दबाव बना रहे हैं कि ईरान को बिना किसी बड़ी रियायत के कोई भी राहत या युद्धविराम स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए.

जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास का तंज 

इस गंभीर तनाव के बीच जिम्बाब्वे में स्थित ईरानी दूतावास का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है. दूतावास ने ट्रंप की समय सीमा पर तंज कसते हुए लिखा कि रात 8 बजे का समय उनके लिए सही नहीं है. उन्होंने व्यंग्य करते हुए ट्रंप से समय बदलकर दोपहर या देर रात करने का अनुरोध किया. हालांकि यह तंज सुर्खियां बटोर रहा है.