अमेरिकी ने बदल लिया पाला, जिस पर रखा था 852887921 रुपये का इनाम उसी से मिले डोनाल्ड ट्रंप, बंद कमरे में हुई बात
Donald Trump Meets Syrian Interim President Ahmed al Sharaa: रियाद में अल-शराआ को सऊदी क्राउन प्रिंस की ओर से विशेष सम्मान दिया गया. इसके बाद उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, जो दोनों देशों के लिए एक बड़ा कूटनीतिक क्षण माना जा रहा है.
Donald Trump Meets Syrian Interim President Ahmed al Sharaa: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शराआ के बीच रियाद में एक ऐतिहासिक मुलाकात हुई. यह बैठक ऐसे समय पर हुई जब पिछले 25 वर्षों में अमेरिका और सीरिया के शीर्ष नेताओं के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हुई थी. दिलचस्प बात यह है कि कभी अमेरिका ने अहमद अल-शराआ की गिरफ्तारी पर 10 मिलियन डॉलर (लगभग 85.28 करोड़ रुपये) का इनाम रखा था. लेकिन यह इनाम दिसंबर 2024 में हटा लिया गया, जब अल-शराआ के नेतृत्व में बशर अल-असद की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया गया था.
रियाद में अल-शराआ को सऊदी क्राउन प्रिंस की ओर से विशेष सम्मान दिया गया. इसके बाद उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, जो दोनों देशों के लिए एक बड़ा कूटनीतिक क्षण माना जा रहा है.
अतीत में अमेरिका के खिलाफ लड़ चुके हैं अल-शरा
अहमद अल-शराआ, जिन्हें पहले अबू मोहम्मद अल-गोलानी के नाम से जाना जाता था, का ताल्लुक अल-कायदा जैसे कट्टरपंथी संगठनों से रहा है. वे एक समय में इराक में अमेरिकी सेनाओं के खिलाफ भी लड़ चुके हैं. बाद में वे सीरिया में चल रहे संघर्ष का हिस्सा बन गए और हयात तहरीर अल-शाम (HTS) संगठन के प्रमुख बन गए.
दमिश्क पर कब्जे के बाद अंतरिम राष्ट्रपति बने
दिसंबर 2024 में HTS के नेतृत्व में विद्रोही गुटों ने दमिश्क पर कब्जा कर लिया और बशर अल-असद के 54 साल लंबे शासन का अंत कर दिया. इसके बाद जनवरी 2025 में अहमद अल-शराआ को सीरिया का अंतरिम राष्ट्रपति घोषित किया गया.
अमेरिका की नई नीति की शुरुआत
ट्रंप और अल-शराआ की यह बैठक उस समय हुई जब अमेरिका सीरिया को लेकर अपनी नीति पर पुनर्विचार कर रहा है. ट्रंप ने संकेत दिया है कि अब सीरिया पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए जा सकते हैं.
यह बैठक पूरी तरह बंद कमरे में हुई, जिसमें मीडिया को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई. व्हाइट हाउस की ओर से अभी तक इस बातचीत में शामिल अन्य लोगों के नाम या चर्चा के विषय सार्वजनिक नहीं किए गए हैं.
ईरान को रोकने की कोशिश
कई खाड़ी देशों ने अल-शराआ की सरकार को समर्थन दिया है. इन देशों का मानना है कि अगर अमेरिका भी नया रुख अपनाता है तो ईरान को सीरिया में फिर से प्रभाव बढ़ाने से रोका जा सकता है, जिसने असद शासन के दौरान सीरिया में अपना प्रभाव मजबूत कर लिया था.
सीरिया को "शांति का मौका" देने की बात
ट्रंप ने कहा कि वह सीरिया को एक नया मौका देना चाहते हैं ताकि देश शांति की ओर बढ़ सके. उनके मुताबिक, यह कदम सीरिया की जनता के लिए एक नई शुरुआत हो सकता है.
और पढ़ें
- तुर्की की मदद से पाकिस्तान से भारत में हमले की रची साजिश, 350 ड्रोन और सैन्य एक्सपर्ट भेजे
- पाकिस्तान से अलग होकर बना 'रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान', सोशल मीडिया पर किए जा रहे बड़े दावे, क्या सच में PAK ने खो दिया अपना कंट्रोल
- ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने तोड़ी मसूद अजहर की कमर, पाकिस्तान सरकार ने 14 करोड़ देकर खुद अपने मुंह पर पोती कालिख