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India Daily

'मेरी ट्रेड धमकी से 24 घंटे में रुक गई जंग...', ट्रंप ने एक फिर लिया भारत-पाक युद्ध रुकवाने का क्रेडिट

जापान में बिजनेस लीडर्स के साथ एक डिनर के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रोकने के लिए ट्रेड बंद करने की चेतावनी दी थी. उनका कहना है कि दोनों देशों ने 24 घंटे में संघर्ष विराम कर लिया.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
'मेरी ट्रेड धमकी से 24 घंटे में रुक गई जंग...', ट्रंप ने एक फिर लिया भारत-पाक युद्ध रुकवाने का क्रेडिट
Courtesy: @InfoR00M x account

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर वे आपसी संघर्ष जारी रखते हैं तो अमेरिका उनके साथ किसी भी तरह का व्यापार नहीं करेगा. उनका कहना है कि इसी चेतावनी के कारण दोनों देशों ने संघर्ष विराम कर लिया और युद्ध टल गया.

जापान में बिजनेस लीडर्स के साथ एक डिनर के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कई युद्धों को रोकने के लिए यही रणनीति अपनाई थी. उन्होंने कहा, 'कई बार युद्ध इसलिए नहीं हुए क्योंकि देशों ने अमेरिका के साथ अपने व्यापारिक संबंध बचाने के लिए शांति का रास्ता चुना.'

ट्रंप ने भारत-पाक युद्ध के बारे में क्या कहा?

ट्रंप के मुताबिक, मई में भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ा था और सात विमान गिराए गए थे, तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से कहा कि अगर दोनों देश लड़ाई जारी रखते हैं तो अमेरिका कोई व्यापार नहीं करेगा. उन्होंने कहा, 'मैंने कहा कि अगर आप लड़ोगे तो हम ट्रेड नहीं करेंगे और यह बात सुनने के बाद दोनों देशों ने झगड़ा खत्म किया. करीब 24 घंटे में सब शांत हो गया.'

ट्रंप ने अपने दावे में क्या कहा?

ट्रंप ने आगे दावा किया कि उन्होंने इसी तरह की नीति से कई और वैश्विक संघर्षों को रोका. उनका कहना था कि लगभग 70 प्रतिशत युद्ध इसलिए नहीं हुए क्योंकि हमने कहा कि अगर आप लड़ाई करेंगे तो हम ट्रेड नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि यह रणनीति बहुत प्रभावी साबित हुई और कई देश तुरंत समझौते के लिए तैयार हो गए.

भारत ने क्या दी प्रतिक्रिया?

हालांकि, भारत ने ट्रंप के इन बयानों को सिरे से खारिज कर दिया है. भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो संघर्ष विराम हुआ, वह पूरी तरह द्विपक्षीय बातचीत के तहत हुआ था. मंत्रालय ने बताया कि यह पाकिस्तान के अनुरोध पर दोनों देशों के डीजीएमओ यानी Director General of Military Operations के बीच हुई बातचीत का नतीजा था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी.