तनाव के बीच ईरान पर नरम पड़े ट्रंप, फांसी रोके जाने के फैसले का तारीफ करते हुए कहा - धन्यवाद
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा 800 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों की फांसी रोकने के दावे पर उसकी तारीफ की है. ईरान में हिंसक प्रदर्शनों और क्षेत्रीय तनाव के बीच यह बयान अहम माना जा रहा है.
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है. उन्होंने ईरान की सरकार की खुले तौर पर तारीफ करते हुए धन्यवाद कहा है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने देशभर में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी है.
ट्रंप के अनुसार 800 से ज्यादा लोगों को फांसी देने की योजना बनाई गई थी, जिसे आखिरी समय पर रद्द कर दिया गया. डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखी. उन्होंने कहा कि ईरान के नेतृत्व ने सभी प्रस्तावित फांसियों को रद्द कर दिया है, जो एक सराहनीय कदम है.
ट्रंप ने क्या लिखा?
ट्रंप ने लिखा कि वह इस फैसले का सम्मान करते हैं और इसके लिए ईरान का धन्यवाद करते हैं. अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण रिश्ते रहे हैं. ऐसे में ट्रंप का यह बयान कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है.
हाल के दिनों में ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. ये प्रदर्शन 28 दिसंबर को आर्थिक संकट के विरोध में शुरू हुए थे.
धीरे धीरे ये आंदोलन सरकार और धार्मिक शासन के खिलाफ बड़े जनआंदोलन में बदल गया. पिछले सप्ताह के अंत में हालात बेहद हिंसक हो गए थे.
कितने लोगों की हुई मौत?
विपक्षी संगठनों और ईरानी अधिकारियों के अनुसार इस हिंसा में लगभग 2000 से अधिक लोगों की मौत हुई है. यह 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद ईरान का सबसे बड़ा आंतरिक संकट माना जा रहा है. अमेरिका ने पहले चेतावनी दी थी कि अगर ईरान में और खूनखराबा हुआ तो गंभीर नतीजे होंगे.
व्हाइट हाउस के अनुसार राष्ट्रपति ट्रंप सभी विकल्प खुले रखे हुए हैं. हालांकि इस सप्ताह ट्रंप के बयान के बाद अमेरिका की सीधी सैन्य कार्रवाई की आशंका कुछ कम हुई है. इसके बावजूद अमेरिकी सैन्य गतिविधियां क्षेत्र में जारी रहने की संभावना है.
सऊदी अरब और कतर ने क्या दी चेतावनी?
खाड़ी देशों ने भी हालात को लेकर चिंता जताई है. सऊदी अरब और कतर ने अमेरिका को आगाह किया है कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है. इन देशों का कहना है कि इसका असर अंततः अमेरिका पर भी पड़ेगा. वहीं इजरायल भी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सतर्क है. इजरायली खुफिया प्रमुख वॉशिंगटन में मौजूद हैं और हालात पर चर्चा कर रहे हैं. इजरायल की सेना को उच्चतम स्तर की सतर्कता पर रखा गया है.
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