'लोगों को मारना नहीं चाहते', ईरान के साथ शांति वार्ता आज शुरू होने की है उम्मीद; ट्रंप ने किया कन्फर्म

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि सोमवार से अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता शुरू हो सकती है. उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों के अनुरोध पर ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमला टाल दिया गया है ताकि कूटनीति को मौका मिल सके.

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Km Jaya

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से जारी तनाव के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच सोमवार से शांति वार्ता शुरू होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि बातचीत के रास्ते खुले हुए हैं और वह नहीं चाहते कि संघर्ष आगे बढ़े, क्योंकि युद्ध में बड़ी संख्या में लोगों की जान जाती है. हालांकि, ईरान की ओर से इस संभावित वार्ता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.

ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की प्रक्रिया सोमवार दोपहर से शुरू हो सकती है. उन्होंने कहा कि वह कूटनीतिक समाधान चाहते हैं और उनका उद्देश्य लोगों की जान बचाना है. ट्रंप ने यह भी कहा कि वह किसी को मारना नहीं चाहते और उम्मीद करते हैं कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी.


होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर क्या बोले?

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी दावा किया कि संभावित समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सामान्य रूप से खोला जा सकता है. यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. इसके अलावा, समझौते में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी अमेरिकी चिंताओं का समाधान भी शामिल हो सकता है.

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?

वहीं दूसरी ओर ईरान ने अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलने के संकेत नहीं दिए हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि जलडमरूमध्य की स्थिति पहले जैसी नहीं होगी. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर ओमान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन फिलहाल इसे पूरी तरह खोलने पर कोई चर्चा नहीं हो रही है.

गौरतलब है कि हाल के महीनों में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा है. इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई जहाजों पर हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं. ऐसे में यदि अमेरिका और ईरान के बीच वास्तव में शांति वार्ता शुरू होती है, तो इससे पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद बढ़ सकती है. हालांकि, वार्ता की सफलता दोनों देशों की सहमति और आगे की बातचीत पर निर्भर करेगी.