'समझौते पर पहुंचने की जल्दबाजी न करें', ईरान के साथ शांति डील पर फिर बदले डोनाल्ड ट्रंप के सुर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार अपने बयान बदल रहे हैं. ईरान के मुद्दे पर उन्होंने एक बार फिर अपने बयान बदले हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधियों को जल्दबाजी न करने का संदेश दिया है.

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Shanu Sharma

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब भी जारी है. दोनों देशों के बीच एक समझौते पर सहमति नहीं बन पा रही है, जिसके कारण पूरी दुनिया असमंजस की स्थिति है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयान लगातार बदल रहे हैं. ट्रंप कभी कहते हैं कि ईरान के साथ बातचीत लगभग फाइनल हो चुकी है, वहीं कभी अपने प्रतिनिधियों को जल्दबाजी ना करने का संदेश देते हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने नए बयान में कहा कि ईरान से साथ अभी भी पूरी तरह से समझौता नहीं हो पाया है. उन्होंने अपने वार्ताकारों से कहा कि कोई भी जल्दबाजी न करें. हालांकि इससे पहले दोनों देशों ने युद्ध खत्म करने की दिशा में समझौते पर लगभग बात बनने के संकेत दिए थे.

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर लिखा कि मैंने अपने प्रतिनिधियों को सूचित किया है कि इस समय किसी समझौते पर पहुंचने की जल्दबाज़ी न करें, क्योंकि अभी पलड़ा हमारे पक्ष में है. अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी से तनाव चल रहा है. हालांकि दोनों देशों की ओर से बातचीत के बाद 8 अप्रैल से युद्धविराम का पालन किया जा रहा है, जबकि मध्यस्थ युद्ध के स्थायी समाधान के लिए जोर दे रहे हैं. इस युद्ध की वजह से इतिहास के सबसे बुरे ऊर्जा संकटों में से एक पैदा हो गया है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित है. ट्रंप ने साफ कहा है कि होर्मुज के पास ईरानी जहाजों पर अमेरिकी नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक कि कोई समझौता हो नहीं जाता.

डोनाल्ड ट्रंप के बदलते सुर

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने प्रतिनिधियों को संदेश दिया कि अगर मैं ईरान के साथ कोई समझौता करता हूं, तो वह एक अच्छा और सही समझौता होगा. उन्होंने कहा कि इस पर अभी पूरी तरह से बातचीत भी नहीं हुई है, इसलिए उन हारे हुए लोगों की बात न सुनें. उन्होंने कहा कि मैं बुरे समझौते नहीं करता. हालांकि ट्रंप ने इससे पहले एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उन्होंने लिखा कि यह समझौता काफी हद तक तय हो चुका है, बस संयुक्त राज्य अमेरिका, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान और अन्य विभिन्न देशों के बीच इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. हालांकि ईरानी समाचार एजेंसी की ओर से कहा गया कि एक संभावित समझौते के मुख्य बिंदु फिलहाल अनसुलझे हैं, जिसमें ईरान की जब्त संपत्तियों का मुद्दा भी शामिल है.