Donald Trump Cabinet: डोनाल्ड ट्रंप के लिए 'भस्मासुर' बन सकती है ये त्रिमूर्ति, कैबिनटे में जगह मिलने से अपने हैं खफा!
डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सांसद मैट गेट्ज़ को अपना अटॉर्नी जनरल बनाया, जो खुद एक विवादित व्यक्ति हैं. गेट्ज़ के खिलाफ जस्टिस डिपार्टमेंट ने जांच की थी, लेकिन ट्रंप ने इसे राजनीतिक हथकंडा मानते हुए गेट्ज़ को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया.
Donald Trump Cabinet: अमेरिका के राष्ट्रपति-निर्वाचित डोनाल्ड ट्रंप की हालिया कैबिनेट नियुक्तियाँ राजनीतिक हलचल का कारण बन गई हैं. जहां ट्रंप ने अपने प्रशासन के लिए जिन प्रमुख नामों का ऐलान किया, उनसे न केवल रिपब्लिकन सीनेटर चौंके, बल्कि वाशिंगटन में भी हड़कंप मच गया है. लेकिन, ट्रंप के लिए यह कोई नई बात नहीं है.उनकी यह "आक्रामक" रणनीति ही उनका मुख्य उद्देश्य है.
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सांसद मैट गेट्ज़ को अपना अटॉर्नी जनरल बनाया, जो खुद एक विवादित व्यक्ति हैं. गेट्ज़ के खिलाफ जस्टिस डिपार्टमेंट ने जांच की थी, लेकिन ट्रंप ने इसे राजनीतिक हथकंडा मानते हुए गेट्ज़ को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया. गेट्ज़ का चयन इस बात का संकेत है कि ट्रंप प्रशासन न्याय व्यवस्था में उन सुधारों की ओर बढ़ेगा, जो उन्होंने अपने चुनावी वादों में किए थे.
तुलसी गब्बार्ड को मिली राष्ट्रीय खुफिया निदेशक की जिम्मेदारी
इसके अलावा,तुलसी गब्बार्ड को राष्ट्रीय खुफिया निदेशक (DNI) के रूप में चुना गया. गब्बार्ड, जो कभी डेमोक्रेटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार रही थीं, अब ट्रंप के विचारों से सहमत हैं कि अमेरिकी खुफिया समुदाय का इस्तेमाल उनके खिलाफ किया गया. गब्बार्ड का चयन भी ट्रंप के "मेक अमेरिका ग्रेट अगेन" एजेंडे का हिस्सा है, जो यह संदेश देता है कि ट्रंप प्रशासन खुफिया समुदाय को फिर से अपने अधीन लाने का प्रयास करेगा.
डोनाल्ड ट्रंप का मकसद साफ
ट्रंप की ये नियुक्तियां उनके राजनीतिक उद्देश्यों से पूरी तरह मेल खाती हैं. ट्रंप ने हमेशा अपनी छवि एक बाहरी व्यक्ति की बनाई है, जो स्थापित व्यवस्था को चुनौती देता है. इन नियुक्तियों के द्वारा, ट्रंप अपने समर्थकों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वह किसी भी आलोचना की परवाह किए बिना अपने मिशन पर आगे बढ़ेंगे. ऐसे में ट्रंप का उद्देश्य केवल राजनीति में हंगामा मचाना है, ताकि वह अपने विरोधियों को उकसा सकें.
गेट्ज़ और गब्बार्ड की नियुक्तियां पर मचा विवाद
गेट्ज़ और गब्बार्ड के नाम के ऐलान होते ही बहुत सी सवालों को जन्म दिया है. क्या ट्रंप अपने न्याय मंत्री के रूप में गेट्ज़ को नियुक्त करके न्याय की निष्पक्षता सुनिश्चित करना चाहते हैं? या फिर यह एक संकेत है कि वह अपनी पूरी सरकार को उन लोगों से भरेंगे जो उनकी नीतियों से सहमत हों और जो उनके राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करें.
पीट हेगसेथ के चयन पर मचा बवाल!
वहीं, पीट हेगसेथ को पेंटागन का नेतृत्व करने के लिए चुने जाने की खबर ने गेट्ज़ के चयन से एक रात पहले वाशिंगटन को हिलाकर रख दिया और ट्रम्प के इरादों के बारे में इसी तरह के सवाल खड़े कर दिए. फ़ॉक्स न्यूज़ के इस स्टार का सैन्य रिकॉर्ड वीरता से भरा है, जो इराक और अफ़गानिस्तान में सेवा करने के बाद से ही है। लेकिन उनके पास उच्च-स्तरीय रणनीति, अंतर्राष्ट्रीय कूटनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा में वह गहन अनुभव नहीं है, जो आमतौर पर ग्रह की सबसे शक्तिशाली सेना के प्रभारी लोगों के लिए आवश्यक होता है। इसलिए, अगर उन्हें अचानक संकट को शांत करने के लिए बुलाया जाता है.