Donald Trump पहुंचे बीजिंग, शी जिनपिंग संग होगी अहम बैठक, ईरान युद्ध, व्यापार और AI पर होगी चर्चा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बीजिंग पहुंच गए हैं, जहां उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अहम बैठक होगी. ईरान संघर्ष, व्यापार, AI, ताइवान और सेमीकंडक्टर निर्यात जैसे इस शिखर बैठक के केंद्र में रहेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को चीन पहुंचे गए हैं, जहां वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अहम शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे. दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थों के बीच तनाव कम करने और व्यापारिक रिश्तों को बेहतर करने के लिए ट्रंप का यह दौरान बेहद अहम माना जा रहा है. इस दौरे पर ट्रंप के साथ बड़े बिजनेस लीडर्स भी चीन पहुंचे हैं, जिनमें एलन मस्क और जेंशन हॉन्ग शामिल हैं.
अमेरिका इन मुद्दों पर चीन से सहमति बनाने की कोशिश करेगा
माना जा रहा है कि अमेरिका तकनीक, व्यापार और सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दों पर चीन से नई सहमति बनाने की कोशिश करेगा. बीजिंग एयरपोर्ट पर ट्रंप का स्वागत चीन के उप राष्ट्रपति हान झेंग ने किया. इस दौरान चीन और अमेरिका के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे. गुरुवार को ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच ऑपचारिक बैठक और 'स्टेट सेरेमनी' आयोजित होगी.
ईरान युद्ध, व्यापार और एआई होंगे बातचीत के मुद्दे
बीजिंग रवाना होने से पहले ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान संकट से निपटने के लिए चीन की मदद पर निर्भर नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका शांतिपूर्ण या अन्य किसी भी तरीके से अपने हितों की रक्षा करेगा. हालांकि माना जा रहा है कि ईरान संघर्ष, व्यापार विवाद, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), ताइवान और एडवांस सेमीकंडक्टर एक्सपोर्ट इस बैठक के सबसे बड़े मुद्दे होंगे. ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए चीन का बाजार और अधिक खोलने की मांग करेंगे. खासतौर पर एआई चिप बनाने वाली कंपनी नवीडिया पर सबकी नजर है, जिसे चीन में अपने एडवांस एच200 एआई चिप्स बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
ताइवान और ट्रेड एग्रीमेंट पर भी चर्चा
इस बैठक में अमेरिका और चीन के बीच पिछले साल बने अस्थाई ट्रेड समझौते को बचाए रखने पर बातचीत होगी. अमेरिका चाहता है कि चीन बोइंग विमान, कृषि उत्पाद और उर्जा आयात बढाए, जबकि चीन अमेरिकी सेमीकंडक्टर प्रतिबंधों में ढील चाहता है. इस बीच चीन ने ताइवान को अमेरिकी हथियार बिक्री का फिर विरोध किया है. लाइवान मुद्दा लंबे समय से अमेरिका-चीन संबंधों में सबसे संवेदनशील मुद्दों में शामिल रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिड टर्म चुनाव से पहले ट्रंप इस बैठक के जरिए घरेलू स्तर पर आर्थिक और कूटनीतिक सफलता दिखाना चाहते हैं.