AIADMK के बागी नेताओं पर गिरी गाज, पार्टी ने किया निष्कासित; TVK का समर्थन करना पड़ा भारी

AIADMK के करीब 30 विधायकों ने तमिलनाडु फ्लोर टेस्ट में पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर TVK सरकार के समर्थन में वोट दिया. इसके बाद AIADMK ने कई नेताओं को पार्टी पदों से हटाकर निष्कासित कर दिया है.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: तमिलनाडु में आज हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान AIADMK के लगभग 30 विधायकों ने पार्टी के खिलाफ ही बगावत का बिगुल का फूंक दिया और TVK सरकार को के पक्ष में मतदान कर दिया. पार्टी के विधायकों के बगावती तेवर ने पार्टी को बैकफुट पर ला दिया, जिसके बाद अब पार्टी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

तमिलनाडु विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान TVK के पक्ष में मतदान करने वाले AIADMK विधायकों के खिलाफ पार्टी नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया है. सी वी शनमुगम, एसपी वेलुमणि, सी विजयबास्कर समेत अन्य नेताओं को AIADMK ने पार्टी में मिले विभिन्न पदों से हटा दिया है. पार्टी ने विधायकों के इस रुख को स्पष्ट तौर पर अनुशासन का खुला उल्लंघन माना है और कई नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है.

पार्टी नेता बोले- DMK से गठबंधन करना चाहती थी AIADMK

वही पार्टी द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई के बाद पार्टी से निष्कासित नेता सी वी शनमुगम ने कहा कि चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के बाद AIADMK की DMK से सरकार गठन को लेकर बातचीत चल रही थी, जो पार्टी के आदर्शों के खिलाफ था. पार्टी का लक्ष्य DMK को किसी भी हाला में सत्ता से बाहर रखना था, क्योंकि अम्मा की मृत्यु डीएमके के झूठे मुकदमे के कारण हुई, उन्हें जेल में डाल दिया गया और हमने उन्हें खो दिया. लेकिन वे सब कुछ भूल गए. आप बता सकते हैं कि विश्वासघाती कौन है.

फ्लोर टेस्ट में विजय ने कैसे बदला नंबर गेम?

बता दें कि तमिलनाडु विधानसभा में आज विजय को बहुमत साबित करना था. उनके पास 120 विधायकों का समर्थन पहले से ही हासिल था, जो आवश्यक विधायकों की संख्या से 2 अधिक थी. लेकिन फ्लोर टेस्ट के दौरान जब मतों का विभाजन हुआ, तब TVK के पक्ष में  144 मत पड़े, जबकि विरोध में 22 मत पड़े. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एकमात्र विधायक और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का घटक दल पट्टाली मक्कल काची (चार विधायक) मतदान के दौरान तटस्थ रहे. इस फ्लोर टेस्ट में AIADMK के विधायकों ने पार्टी के स्टैंड के खिलाफ जाकर मतदान किया, जिसके बाद से ही तमिलनाडु में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है.