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India Daily

क्या इजराइल-लेबनान में हुआ युद्धविराम? डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया ऐलान; 34 साल बाद दोनों देशों में हुई सीधी बात

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन के संघर्षविराम की घोषणा की है. दोनों देशों के बीच 34 साल में पहली बार वाशिंगटन में सीधी बातचीत हुई. यह संघर्षविराम शुक्रवार शाम से लागू होगा.  

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
क्या इजराइल-लेबनान में हुआ युद्धविराम? डोनाल्ड ट्रंप ने कर दिया ऐलान; 34 साल बाद दोनों देशों में हुई सीधी बात
Courtesy: pinterest

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया. उन्होंने बताया कि इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन के संघर्षविराम पर सहमति बन गई है. यह समझौता सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच एक दुर्लभ कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उनकी लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आऊन और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बहुत अच्छी बातचीत हुई. यह संघर्षविराम शुक्रवार शाम 5 बजे (अमेरिकी समयानुसार) से लागू होगा.  

34 साल बाद हुई पहली सीधी मुलाकात

ट्रंप के मुताबिक, इस हफ्ते की शुरुआत में इजराइल और लेबनान के प्रतिनिधि वाशिंगटन में मिले. यह पिछले 34 साल में उनकी पहली सीधी बैठक थी. इन वार्ताओं में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल रहे. ट्रंप ने इसे दोनों देशों के बीच शांति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा, "मेरे लिए दुनिया भर में नौ युद्ध सुलझाने का सम्मान मिला है, और यह मेरा दसवां होगा. तो चलिए, इसे पूरा करते हैं."  

हिजबुल्लाह ने अब तक नहीं की पुष्टि

हालांकि, इजराइल और लेबनान के सरकारी चैनलों से इस संघर्षविराम की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है. सीमा पर झड़पों में सीधे तौर पर शामिल रहे हिजबुल्लाह ने भी अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है लेकिन ट्रंप के इस ऐलान से साफ है कि बैकचैनल डिप्लोमेसी (परोक्ष कूटनीति) ने रफ्तार पकड़ ली है. जानकारों का मानना है कि अमेरिका ने बड़ी मेहनत से यह समझौता करवाया है.  

तनाव के बीच राहत की उम्मीद

पिछले कई हफ्तों से इजराइल-लेबनान सीमा पर तनाव चरम पर था. छोटी-छोटी झड़पें हो रही थीं, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े युद्ध की आशंका बढ़ गई थी. ऐसे में 10 दिन का संघर्षविराम आम नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है. ट्रंप ने इसे एक शुरुआत बताया है. उनके मुताबिक, आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच पूर्ण शांति समझौते की संभावना तलाशी जाएगी. अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह संघर्षविराम वाकई लागू हो पाता है या फिर हालात फिर बिगड़ जाते हैं.  

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

राजनयिक मामलों के जानकारों का मानना है कि इजराइल और लेबनान के बीच 34 साल बाद सीधी बातचीत होना अपने आप में ऐतिहासिक है. हालांकि, हिजबुल्लाह की भूमिका को लेकर अभी सफाई नहीं मिली है. अगर हिजबुल्लाह इस संघर्षविराम से सहमत नहीं हुआ, तो हालात फिर से पटरी से उतर सकते हैं. फिलहाल, ट्रंप के इस ऐलान से पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद जगी है. संयुक्त राष्ट्र और अन्य देशों ने इस कदम का स्वागत किया है.