क्या ट्रंप के करीबी लिंडसे ग्राहम को जहर देकर मारा गया, रूस और ईरान पर क्यों उठ रहे सवाल?
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अचानक निधन से इंटरनेट पर साजिशों का बाजार गर्म है, जहां बिना किसी सबूत के रूस और ईरान को इस मौत के पीछे बताया जा रहा है.
अनुभवी रिपब्लिकन अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के अचानक और अप्रत्याशित निधन ने इंटरनेट पर साजिश के सिद्धांतों (कंसपिरेसी थ्योरी) की बाढ़ ला दी है. हालांकि आधिकारिक तौर पर उनकी मृत्यु का कारण एक 'संक्षिप्त और अचानक बीमारी' को बताया गया है, लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स और राजनीतिक विश्लेषकों ने इस मौत के पीछे विदेशी ताकतों का हाथ होने की आशंका जताई है. विशेष रूप से रूस और ईरान इस सोशल मीडिया चर्चा के केंद्र में आ गए हैं.
कीव यात्रा और रूस की ओर उठती उंगलियां
इस पूरी रहस्यमयी कहानी का पहला सिरा उनकी हालिया यूक्रेन यात्रा से जुड़ता है. अपनी मृत्यु से कुछ ही घंटे पहले, ग्राहम कीव के अपने 10वें दौरे से वापस लौटे थे, जहां उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात की थी. ग्राहम ने मॉस्को के खिलाफ एक नए प्रतिबंध पैकेज पर प्रगति की घोषणा की थी. कुछ विश्लेषकों का दावा है कि रूस के खिलाफ उनके सख्त रुख और प्रतिबंधों की मांग के कारण वे रूस के निशाने पर हो सकते थे, जो अपने विरोधियों के खिलाफ जहर का इस्तेमाल करने के लिए बदनाम रहा है.
ईरान पर भी शक
रूस के साथ-साथ दूसरा बड़ा शक ईरान पर जताया जा रहा है, क्योंकि ग्राहम वाशिंगटन में ईरान के खिलाफ सबसे मुखर आवाज माने जाते थे. रूढ़िवादी टिप्पणीकार लॉरा लूमर सहित कई हस्तियों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सवाल उठाया कि क्या सीनेटर ग्राहम को उनकी विदेश यात्रा के दौरान किसी विदेशी दुश्मन द्वारा जहर दिया गया था? इसके अलावा, ईरानी सरकारी टेलीविजन ने उनकी मृत्यु की खबर को बेहद जश्न भरी भाषा में प्रसारित किया, जिससे इन अफवाहों को और बल मिला.
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दरअसल, लिंडसे ग्राहम की मौत पर एक ईरानी टीवी एक एंकर ने कहा कि मैं ईरानी मैं अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम की मौत पर ईरानी लोगों को बधाई देती हूं, जिन्हें नरक में भेज दिया गया है.