IRGC की चेतावनी के बाद भी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से पार हुआ अमेरिकी जहाज? ईरान और अमेरिका के अलग-अलग दावे
ईरान और अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हैं. एक ओर ईरान दावा कर रहा है कि इस रास्ते से एक भी अमेरिकी जहाज को पार नहीं करने दिया जाएगा. वहीं अमेरिका का दावा है कि उसने बिना किसी रुकावट के होर्मुज को पार कर लिया
ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता अब पूरी तरह फेल हो चुकी है. इसके बाद एक बार फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बढ़ गया है. होर्मुज में IRGC नौसेना और अमेरिकी युद्धपोतों के बीच हुई तीखी रेडियो बातचीत के ऑडियो-वीडियो जारी होने के बाद दोनों देशों ने पूरी घटना का पूरी तरह अलग-अलग ब्योरा दिया है.
ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB ने घटना का फुटेज और ऑडियो जारी किया है. इसमें IRGC नौसेना के जवान अमेरिकी मिसाइल विध्वंसक को सख्त चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं. वहीं अमेरिका द्वारा किए जा रहे दावे ईरान के बिल्कुल विपरीत नजर आ रहा है.
ईरान ने सभी जहाजों को दी चेतावनी
ईरानी मीडिया के अनुसार, IRGC ने ओमान की खाड़ी में घुसे अमेरिकी जहाज को तुरंत रास्ता बदलने और हिंद महासागर लौटने का आदेश दिया. क्लिप में IRGC अधिकारी कहते हैं कि नौसेना का जंगी जहाज 121, यह सेपाह नौसेना स्टेशन है. आपको तुरंत अपना रास्ता बदलकर वापस हिंद महासागर जाना होगा. अगर आपने आदेश का पालन नहीं किया तो आपको निशाना बनाया जाएगा.
ईरान ने सभी जहाजों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि ओमान सागर में मौजूद सभी जहाज ध्यान दें. यदि आपको अमेरिकी जंगी जहाज दिखाई दे तो उससे 10 मील से अधिक दूरी बनाए रखें, क्योंकि हम बिना चेतावनी दिए गोली चलाने के लिए तैयार हैं. IRGC ने अंतिम चेतावनी भी दी और साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास आने वाले किसी भी विदेशी सैन्य जहाज को संघर्ष-विराम का उल्लंघन माना जाएगा.
अमेरिका और ईरान के अलग-अलग दावे
अमेरिकी नौसेना ने ईरानी दावों को पूरी तरह खारिज किया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि दो डिस्ट्रॉयर USS फ्रैंक ई. पीटरसन जूनियर और USS माइकल मर्फी ने बिना किसी रुकावट के होर्मुज के पार किया और अरब खाड़ी में सफलतापूर्वक प्रवेश कर लिया. CENTCOM के अनुसार, दोनों जहाज अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से गुजर रहे थे और बारूदी सुरंग हटाने के अभियान का हिस्सा थे.
अमेरिकी चालक दल ने रेडियो पर शांत लेकिन दृढ़ता से जवाब दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार काम कर रहे हैं और संघर्ष-विराम के नियमों का पालन कर रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी चेतावनी के बावजूद उनके जहाजों ने मिशन से पीछे नहीं हटे और अपना लक्ष्य पूरा किया.