डैलस ICE ऑफिस में दिनदहाड़े गोलीबारी में एक की मौत, हमलावर ने खुद को भी गोली से उड़ाया

डैलस, अमेरिका में एक फेडरल इमीग्रेशन ऑफिस पर बुधवार को गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए. गोलीबारी करने वाले संदिग्ध ने खुद को भी गोली मार ली.

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Kuldeep Sharma

डैलस में बुधवार को अमेरिकी इमीग्रेशन और कस्टम्स इन्फोर्समेंट (ICE) के फील्ड ऑफिस में दिनदहाड़े गोलीबारी की घटना हुई. अधिकारियों के अनुूसार एक संदिग्ध ने ऑफिस में गोलियां चलाकर एक व्यक्ति की हत्या कर दी और दो को घायल कर दिया.

वहीं गोलीबारी करने वाला व्यक्ति ने बाद में पास की इमारत की छत पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. इस घटना से शहर में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं.

एक शख्स की मौके पर ही हुई मौत

डैलस पुलिस के अनुसार, एक मृतक मौके पर ही गिर गया जबकि दो घायल व्यक्तियों को अस्पताल ले जाया गया. Homeland Security की सचिव क्रिस्टी नोम ने X पर पोस्ट में घटना की पुष्टि की है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हमला स्नाइपर की तरह किया गया. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया कि संदिग्ध ने पास की इमारत की छत पर खुद को गोली मारने से पहले पोजीशन बनाई थी.

आधिकारियों ने क्या कहा?

ICE के एक्टिंग डायरेक्टर टॉड लियॉन्स ने मीडिया को बताया कि गोलीबारी एक संभावित स्नाइपर द्वारा की गई थी. अमेरिकी उप राष्ट्रपति JD वैंस ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून प्रवर्तन, विशेषकर ICE पर लगातार हमले रुकने चाहिए और उन्होंने घायल लोगों और उनके परिवारों के लिए प्रार्थना की.

पहले भी मिली थी धमकी

इससे पहले अगस्त में भी यही ICE ऑफिस धमकी का शिकार हुआ था जब एक व्यक्ति ने कहा कि उसके पास बॉम्ब है. उस समय 36 वर्षीय अमेरिकी नागरिक ब्रैटन डीन विल्किंसन ने सुरक्षा कर्मचारियों को अपने कलाई पर रखे बॉम्ब 'डिटोनेटर' दिखाए थे और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. यह बताता है कि यह ऑफिस पहले भी सुरक्षा खतरों का सामना कर चुका है और अब की गोलीबारी ने इसकी संवेदनशीलता को और उजागर किया है.

स्थानीय सुरक्षा और जांच

घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और संदिग्ध की पहचान व गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं. डैलस शहर में सुरक्षा बढ़ाई गई है और ICE कार्यालय के आसपास के इलाके में निगरानी और तलाशी अभियान जारी है. अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा प्रभावित होती है बल्कि आम नागरिकों में भी भय और चिंता पैदा होती है.