70 साल पहले से अमेरिका में फेमस है Cloud Seeding, आखिर कैसे दुबई के लिए जलजला बन गई आर्टिफिशियल बारिश?
Dubai Cloud Seeding: 1950 के आसपास अमेरिका में क्लाउड सीडिंग प्रचलन में आ चुका था. करीब 50 साल बाद डेजर्ट सिटी दुबई में भी इसकी टेस्टिंग हुई और अब करीब 22 साल बाद इसी क्लाउड सीडिंग के जरिए कराई गई बारिश ने दुबई में जलजला ला दिया. आईए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हुआ? क्यों क्लाउड सीडिंग दुबई पर भारी पड़ गई और सड़कों पर कारें नाव की तरह बहने लगीं.
Dubai Cloud Seeding: 16 अप्रैल... ये वो तारीख थी, जब दुबई से हैरान करने वाली तस्वीरें आईं. रेगिस्तान के बीचोंबीच बसे दुबई में अचानक बारिश होने लगी और कई इलाके पानी से भर गए. कई इलाकों में तो बारिश के पानी में कारें नाव की तरह बहने लगीं. कहा जा रहा है कि दो सालों की बारिश एक ही दिन में हो गई, जिसकी वजह से ये नौबत आई. लेकिन सवाल ये कि आखिर कैसे रेगिस्तानी शहर में इतनी अधिक बारिश हो गई? जवाब तलाशने की कोशिश की गई तो पता चला कि क्लाउड सीडिंग के कारण दुबई में जलजला आ गया. ये वही क्लाउड सीडिंग है, जिसका यूज अमेरिका 50 के दशक यानी 70 साल पहले से कर रहा है और UAE में भी इसका यूज 22 साल पहले से किया जा रहा है.
दरअसर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समय-समय पर पानी की कमी को पूरा करने के लिए क्लाउड सीडिंग का यूज करीब 2002 से करना शुरू किया. UAE के मौसम विभाग की माने तो 16 अप्रैल को बारिश के कारण दुबई में बाढ़ आ गई, जिससे उड़ानें रद्द हो गईं. ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ और स्कूल बंद हो गए. सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो में सड़कों से कारें बहती हुई दिखाई दे रही हैं, जबकि एक अन्य वीडियो में दुबई के सबसे लोकप्रिय मॉल में पानी भर जाने से एक दुकान की छत ढहती हुई दिखाई दे रही है. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बुधवार को फ्लाइट्स प्रभावित रहीं और पैसेंजर चेक इन को कैंसिल कर दिया गया.
क्या है क्लाउड सीडिंग, आसान शब्दों में समझ लीजिए
क्लाउड सीडिंग टेक्नोलॉजी का यूज कर मौसम में बदलाव करने के बाद बारिश कराने की प्रक्रिया है. इसके तहत छोटे विमानों को बादलों के बीच से गुजारा जाता है, जो इस बादलों के बीच सिल्वर आयोडाइड, ड्राई आइस और क्लोराइड छोड़ते हैं, जिससे बादलों पर बारिश की बूंदें जम जाती हैं, जो बारिश बनकर बरसती हैं. आमतौर पर बरसने वालीं बूंदों से ये काफी तेज होती हैं, जिससे कम समय में अधिक बारिश हो जाती है.