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SCO समिट में AI रोबोट ने खींचा ध्यान, पत्रकारों से रूबरू होने से लेकर लोगों की मदद करने तक कर सकती है ये कठिन काम

चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन में ज़ियाओ हे' नाम की एक इंसान जैसे दिखने वाली AI हेल्पर रोबोट ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. यह रोबोट न केवल तकनीकी कौशल का प्रतीक है, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का भी एक जीवंत उदाहरण है.

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Edited By: Garima Singh
SCO समिट में AI रोबोट ने खींचा ध्यान, पत्रकारों से रूबरू होने से लेकर लोगों की मदद करने तक कर सकती है ये कठिन काम
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SCO Summit 2025: चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन ने न केवल वैश्विक कूटनीति को बल्कि तकनीकी इनोवेशन को भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. इस सम्मेलन में 'ज़ियाओ हे' नाम की एक इंसान जैसे दिखने वाली AI हेल्पर रोबोट ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. यह रोबोट न केवल तकनीकी कौशल का प्रतीक है, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का भी एक जीवंत उदाहरण है.

'ज़ियाओ हे', एक इंसान की तरह दिखने वाली AI रोबोट, तियानजिन में प्रेस सेंटर के हेल्प डेस्क पर तैनात है, जहां इसने अपनी मुस्कान और मानवीय हाव-भाव से पत्रकारों और मेहमानों का स्वागत किया. यह रोबोट पार्सल छांटने से लेकर पत्रकारों को सूचना देने तक, कई कामों को कुशलतापूर्वक संभाल रहा है. एक सोशल मीडिया यूज़र ने इसकी तारीफ़ करते हुए लिखा, "चीन वाकई भविष्य की ओर बढ़ रहा है." ज़ियाओ हे की खासियत इसकी बहुभाषी क्षमता है. यह चीनी, अंग्रेजी और रूसी में संवाद कर सकता है. इसके रीयल-टाइम सूचना प्रसंस्करण, प्रोटोकॉल-अनुरूप बातचीत और भावनात्मक पहचान एल्गोरिदम इसे मानव भावनाओं को समझने और प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाते हैं. ज़ियाओ हे ने एएनआई समाचार एजेंसी को अपना परिचय देते हुए कहा, "मैं ज़ियाओ हे हूँ, एक अत्याधुनिक मानवरूपी एआई सहायक जिसे तियानजिन में 2025 के शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए डिज़ाइन किया गया है."

एआई का व्यापक उपयोग: शिखर सम्मेलन में नया आयाम

'ज़ियाओ हे' को अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, मीडियाकर्मियों और आयोजकों की मदद के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसके टीचिंग मॉड्यूल और नॉलेज डेटाबेस इसे बिना रुके बात करने में सक्षम बनाते हैं. यह रोबोट सांस्कृतिक तटस्थता और तथ्यात्मक सटीकता के साथ कार करता है, जिससे शिखर सम्मेलन का अनुभव और अधिक प्रभावी बनता है. इसके अलावा, एक अन्य एआई रोबोट ने मीडिया सेंटर में आइसक्रीम परोसकर लोगों का मनोरंजन किया, जो चीन की एआई प्रौद्योगिकी को बड़े पैमाने पर एकीकृत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.

ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स में चीन की प्रगति

चीन की तकनीकी प्रगति केवल एससीओ शिखर सम्मेलन तक सीमित नहीं है. हाल ही में बीजिंग में आयोजित 2025 विश्व ह्यूमनॉइड रोबोट गेम्स में 16 देशों, जैसे अमेरिका, जापान और जर्मनी, के रोबोटों ने एथलेटिक्स, फुटबॉल, डांस और मार्शल आर्ट जैसे क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाई. चीन ने दुनिया का पहला भावनात्मक एआई रोबोट, गुआंगहुआ नंबर 1, भी पेश किया, जो मानव जैसी भावनाओं को प्रदर्शित करने में सक्षम है.

एससीओ शिखर सम्मेलन: वैश्विक कूटनीति और तकनीक का मंच

31 अगस्त से 1 सितंबर, 2025 तक आयोजित इस शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस जैसे 10 सदस्य देश शामिल होंगे. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो भारत-जापान शिखर सम्मेलन के लिए जापान में हैं, के इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने की संभावना है.