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हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की मौत के बाद चीन ने दी इजरायल को 'हिदायत', जानें क्या बोला?

China On Middle East Conflict: चीन ने इजरायल और लेबनान के हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष के बीच इजरायल से आग्रह किया है कि वह तनाव कम करने के लिए तुरंत कदम उठाए. चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में हालात बिगड़ने पर चीन बेहद चिंतित है और निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की निंदा की है.

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हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की मौत के बाद चीन ने दी इजरायल को 'हिदायत', जानें क्या बोला?
Courtesy: Social Media

China On Middle East Conflict: इजरायल और लेबनान के हिजबुल्लाह की बीच जारी संघर्ष के बीच चीन का बयान आया है. चीन ने रविवार को संबंधित पक्षों खास तौर पर इजरायल से आग्रह किया है कि वह तनाव को कम करने के लिए तुरंत कदम उठाए . चीन ने चेतावनी भरे लहजे में इजरायल को सलाह दी कि उसकी बमबारी में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की हत्या के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष नियंत्रण से बाहर जा सकता है. 

चीनी विदेश मंत्रालय के एक बयान में कहा गया कि चीन घटना पर करीब से नजर रख रहा है और क्षेत्र में तनाव बढ़ने पर बहुत चिंतित है. इसके अलावा, चीन ने एक सलाह भी जारी की जिसमें अपने नागरिकों से संघर्ष के बढ़ने के कारण लेबनान की यात्रा न करने को कहा गया. 

चीन ने किया विरोध 

चीनी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि चीन लेबनान की संप्रभुता और सुरक्षा पर उल्लंघन का विरोध करता है. निर्दोष नागरिकों के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का विरोध करता है और उसकी निंदा करता है और  किसी भी ऐसे कदम का विरोध करता है जो दुश्मनी को बढ़ावा देता है और क्षेत्रीय तनाव को बढ़ाता है.

ईरान के लिए बड़ा झटका 

बयान में आगे कहा गया है कि चीन संबंधित पक्षों, विशेष रूप से इजरायल से आग्रह करता है कि वह स्थिति को शांत करने और संघर्ष को बढ़ने या नियंत्रण से बाहर होने से रोकने के लिए तुरंत कार्रवाई करे.चीन के बयान में हसन नसरल्लाह की हत्या के बाद सीधे तौर पर जिक्र नहीं किया गया. नसरल्लाह की मौत ईरान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है.  ईरान ने हिजबुल्लाह की मौत के बाद पांच दिन का सार्वजनिक शोक रखा है. ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि नसरल्लाह की मौत को ऐसे ही नहीं जाने दिया जाएगा. हालांकि खामेनेई को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है. 

कूटनीतिक भागीदारी बढ़ाई 

हाल के वर्षों में, चीन ने अमेरिकी प्रभाव का मुकाबला करने के लिए मध्य पूर्व में अपनी कूटनीतिक भागीदारी बढ़ाई है. पिछले साल बीजिंग ईरान और सऊदी अरब के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौता कराने में कामयाब रहा था. गाजा युद्ध के तीव्र होने के बाद , चीन ने जुलाई में फतह और हमास सहित 14 फिलिस्तीनी गुटों की एक बैठक आयोजित की ताकि उनके बीच एकता स्थापित की जा सके. चीन ने जुलाई में तेहरान में हमास नेता इस्माइल हानिया की हत्या की भी कड़ी निंदा की है और चेतावनी दी है कि इस हत्या से क्षेत्र में और अधिक अराजकता फैल सकती है.

चेतावनी भरी सलाह जारी की 

लेबनान में चीनी दूतावास ने अपने नागरिकों को लेबनान-इजरायल सीमा पर बढ़ती हिंसा के बारे में चेतावनी देते हुए एक सलाह जारी की.  चीनी दूतावासने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि हम सभी चीनी नागरिकों को घटनाक्रम पर पूरा ध्यान देने और इस समय लेबनान की यात्रा करने से परहेज करने की सलाह देते हैं.  देश में वर्तमान में जो लोग हैं उनसे आग्रह है कि वे जल्द से जल्द देश खाली कर दें या अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्रों में चले जाएं.