चीन में शादी करने से क्यों डर रहे लोग? एक साल में घट गई 40 लाख आबादी, जानें ड्रैगन कैसे हो रहा बर्बाद
चीन की जनसंख्या 2025 में करीब 40 लाख घट गई है और यह लगातार चौथा वर्ष है जब गिरावट दर्ज हुई है. जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर है. वहां के लोग शादियां करने से डर रहे हैं.
नई दिल्ली: चीन की जनसंख्या तेजी से घटती जा रही है और देश एक गंभीर जनसांख्यिकीय संकट की ओर बढ़ रहा है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में चीन की आबादी करीब 40 लाख घटकर 1.405 अरब रह गई है. यह लगातार चौथा वर्ष है जब चीन की जनसंख्या में गिरावट दर्ज की गई है. वहां के लोग शादियां करने से डर रहे हैं.
राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो के ताजा आंकड़े बताते हैं कि जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई है, जबकि मौतों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में चीन में केवल 79.2 लाख बच्चे पैदा हुए. यह संख्या 2024 में दर्ज 95.4 लाख जन्मों की तुलना में लगभग 17 प्रतिशत कम है.
क्या है जन्म दर की स्थिति?
इसके साथ ही चीन की जन्म दर घटकर प्रति हजार जनसंख्या पर 5.63 रह गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह चीन के आधुनिक इतिहास की सबसे चिंताजनक स्थिति है. विस्कॉन्सिन मैडिसन विश्वविद्यालय के जनसांख्यिकी विशेषज्ञों के अनुसार यह जन्म स्तर लगभग वर्ष 1738 जैसा है, जब चीन की कुल आबादी केवल 15 करोड़ के आसपास थी.
मौतों की संख्या में क्या है अपडेट?
दूसरी ओर मौतों की संख्या में इजाफा हुआ है. वर्ष 2025 में चीन में 1.13 करोड़ लोगों की मौत हुई, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 1.09 करोड़ था. मृत्यु दर बढ़कर प्रति हजार जनसंख्या पर 8.04 पहुंच गई है. यह दर 1968 के बाद सबसे अधिक मानी जा रही है. लगातार घटती जनसंख्या और बढ़ती मृत्यु दर चीन के लिए दीर्घकालिक चुनौती बनती जा रही है.
आने वाले दिनों में कैसी होगी स्थिति?
2022 से चीन की आबादी लगातार घट रही है और देश तेजी से बूढ़ी आबादी की ओर बढ़ रहा है. एनबीएस के अनुसार अब चीन की कुल आबादी का लगभग 23 प्रतिशत हिस्सा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों का है. अनुमान है कि वर्ष 2035 तक यह संख्या 40 करोड़ तक पहुंच सकती है. यह आंकड़ा अमेरिका और इटली की कुल आबादी के बराबर होगा.
अर्थव्यवस्था पर क्या हो रहा इसका असर?
इस बदलती जनसंख्या संरचना का सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है. कामकाजी उम्र की आबादी घट रही है, जिससे श्रम बाजार पर दबाव बढ़ रहा है. वहीं पेंशन और सामाजिक सुरक्षा पर सरकारी खर्च तेजी से बढ़ रहा है. इसी कारण चीन सरकार ने रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाने का फैसला लिया है. अब पुरुषों को 63 वर्ष और महिलाओं को 58 वर्ष तक काम करना होगा.
क्या है इसका कारण?
विशेषज्ञों का कहना है कि एक बच्चे की नीति की लंबी छाया, घटती शादियां, बढ़ती महंगाई और बदलती जीवनशैली चीन की जनसंख्या गिरावट के प्रमुख कारण हैं. आर्थिक दबाव और बढ़ती जीवन लागत के चलते युवा शादी करने से भी हिचक रहे हैं. सरकार को उम्मीद है कि शादी पंजीकरण नियमों में ढील से भविष्य में जन्म दर में कुछ सुधार हो सकता है.
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