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चीन का हाथ पकड़ चांद पर जाएगा Pakistan, चांग ई-6  ले जाएगा पाकिस्तान का पेलोड, जानें क्या है पूरा मिशन

Chang E 6: चीन ने बताया कि वह अपने इस मिशन के साथ पाकिस्तान का पेलोड भी लेकर अंतरिक्ष में जाएगा.

Gyanendra Tiwari

Chang E 6: चीन और पाकिस्तान के बीच किस तरह के संबंध ये किसी से छिपा नहीं है. जमीनी स्तर पर पाकिस्तान के लिए भगवान बनने वाला चीन अब अंतरिक्ष में भी उसका सहारा बनने जा रहा है. चीन अपना अगला चंद्र मिशन 2024 में लॉन्च करेगा. उसने बताया कि वह अपने इस मिशन के साथ पाकिस्तान का पेलोड भी लेकर अंतरिक्ष में जाएगा.

चांग ई-6 पर जाएगा पाकिस्तान का पेलोड

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (China National Space Administration) के हवाले से जानकारी देते हुए बताया कि चीन का चांद मिशन चांग ई-6 चंद्र अभियान अपनी वर्तमान में योजना के अनुसार अनुसंधान एवं विकास कार्यों के पहलू से गुजर रहा है. इसे दोनों मित्र देशों (चीन और पाकिस्तान) के बीच स्पेस में सहयोग बढ़ाने के तौर पर देखा जा रहा है.

क्या है चीन का Chang'e-6 mission?

चीन अपने अगले चंद्र मिशन चांग ई-6 को चांद के अंधेरे वाले हिस्से पर भेजना चाहता है. यह मून के सुदूर हिस्से से नमूने लेकर वापस आएगा. द ग्लोबल टाइम्स की मानें तो चीन का Chang'e-6 दक्षिणी ध्रुव के एटकेन बेसिन पर  लैंड करेगा. चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन इस मिशन को साल 2024 के पहले छमाही में लॉन्च कर सकता है.

चीन अब भारत के बाद चांद के साउथ पोल पर सफल लैंडिंग करने वाला दूसरा देश बनना चाहता है. आपको बता दें कि साउथ पोल पर सूरज की रोशनी नहीं पहुंच पाती है. उस कोने पर भेजना चाहता हैं जहां भारत ने अपना चंद्रयान 3 सफलतापूर्वक भेजा है. चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 23 अगस्त को भारत का चंद्रयान -3 लैंडर मॉड्यूल ने सफलतापूर्वक लैंडिंग की थी. ऐसा करके भारत मून के साउथ पोल पर सफल लैंडिंग करने वाला पहला देश बन था.


कई देशों के उपकरण ले जाएगा चीन का चंद्र मिशन

चीन अपने चंद्र मिशन में पड़ोसी पाकिस्तान ही नहीं बल्कि और भी देशों के उपकरण और उपग्रह अंतरिक्ष में लेकर जाएगा. इस बार में चीन की स्पेस एजेंसी ने जानकारी दी है.

चीन नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से कहा गया कि चांग ई-6 मिशन फ्रांस का डोर्न रेडॉन डिटेक्शन उपकरण (Dorn Radon Detection Equipment), यूरोप का  नेगेटिव आयन डिटेक्टर (negative ion detector), इटली का लेजर रेट्रो रिफ्लेक्टिव (laser retroreflector) और पाकिस्तान का उपग्रह क्यूबसैट (cubesat) को अंतरिक्ष में साथ लेकर जाएगा.

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