उत्तर भारत में बर्फबारी, दक्षिण में बारिश का कहर! पश्चिमी विक्षोभ ने पूरे देश की बढ़ाई मुश्किलें; अगले सात दिनों के लिए अलर्ट जारी

पूरे देश में ठंड का कहर जारी है. उत्तर भारत में बर्फबारी तो वहीं दक्षिण में बारिश की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई है. मौसभ विभाग की ओर से अगले एक हफ्ते के लिए चेतावनी जारी कर दी गई है.

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Shanu Sharma

नई दिल्ली: देश में मौसम का हाल लगातार बदल रहा है. एक ओर पहाड़ों में बर्फबारी तो वहीं दूसरी ओर मैदानी इलाकों में हवा की वजह से मुश्किलें बढ़ गई है. हालांकि मौसम विभाग की ओर से अगले सात दिनों के लिए चेतावनी जारी की गई है. IMD ने कहा कि उत्तर भारत में तीन पश्चिमी विक्षोभ कहर बरपाने के लिए तैयार है. 

मौसम विभाग द्वारा दी गई चेतावनी के मुताबिक इन सात दिनों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि परेशान करेगी. पंजाब से लेकर बिहार तक हड्डियों तक कंपकंपा देने वाली ठंड लोगों के लिए मुसीबत खड़ी करेगी. जानकारी के मुताबिक एक पश्चिमी विक्षोभ पहले से सक्रिय है, दूसरा 5 फरवरी को एक्टिव होगा. इसके बाद भी तीसरे विक्षोभ का असर 8 फरवरी को दिखेगा. जिसेस ठंड लोगों के लिए परेशानी खराब करेगी.

पश्चिमी विक्षोभ से क्यों बढ़ जाता है खतरा?

पश्चिमी विक्षोभ को खतरनाक माना जाता है. क्योंकि जब यह भूमध्य सागर से उठकर भारत पहुंचता है तो तेज बारिश और ठंडी हवाएं लेकर आता है. इस बार एक नहीं बल्कि तीन विक्षोभ एक के बाद एक आ रहे हैं. इसलिए इसका असर और भी ज्यादा खतरनाक होने वाला है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर समेत पूरे उत्तर भारत में ठंड बढ़ने वाली है. कई राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है. वहीं दिल्ली-एनसीआर में 36 घंटों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है. सुबह-शाम कोहरे के कारण यात्रा करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि दिन के समय में हल्की धूप लोगों के लिए राहत ला रही है. 

जम्मू कश्मीर से तमिलनाडु तक क्या है मौसम का हाल?

उत्तर प्रदेश में भी पारा गिलता जा रहा है. विभाग की मानें तो अगले कुछ दिनों में कई जिलों में बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. वहीं उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बर्फबारी की वजह से भी आसपास के इलाकों में ठंड बढ़ी हुई है. इस मौसम से किसानों की फसलें प्रभावित हो सकती हैं. इसलिए उन्हें मौसम पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है. एक हफ्ते की कड़ाके की ठंड के बाद भी पूरी तरह से राहत नहीं मिलने वाला है. लगभग पूरे फरवरी महीने में ठंड रहने की उम्मीद है. इसके साथ दक्षिण के केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों में बारिश की भी उम्मीद जताई गई है. मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र की ओर ना जाने की सलाह दी है.